8वें वेतन आयोग में सैलरी से भत्ते तक… कौन देगा सरकार को सिफारिशें?
इस वेतन आयोग को सिफारिशें देने की जिम्मेदारी जिसे मिली है वो न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं। वह केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी से लेकर भत्ते आदि तक के बारे में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेंगी। इसके लिए उन्हें 18 महीने तक का समय मिला है।

8th pay commission latest: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का हर किसी को इंतजार है। खासतौर पर केंद्रीय कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस वेतन आयोग को सिफारिशें देने की जिम्मेदारी जिसे मिली है वो न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं। वह केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी से लेकर भत्ते आदि तक के बारे में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेंगी। इसके लिए उन्हें 18 महीने तक का समय मिला है। रंजना प्रकाश देसाई के अलावा वेतन आयोग के सदस्य की बात करें तो प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन हैं।
कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई?
आठवें वेतन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक रंजना प्रकाश देसाई का जन्म 30 अक्टूबर 1949 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 1970 में एल्फिंस्टन कॉलेज से कला स्नातक और 1973 में सरकारी विधि महाविद्यालय से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की। न्यायाधीश बनने से पहले उन्होंने स्वर्गीय न्यायमूर्ति एस.सी. प्रताप के चैंबर में जूनियर वकील के रूप में कार्य किया। यहां उन्हें कई दीवानी और आपराधिक मामलों में पेश होने का अवसर मिला। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय एसजी सामंत के साथ भी काम किया, जो एक प्रख्यात क्रिमिनल वकील थे। उन्हें 1979 में बॉम्बे उच्च न्यायालय के अपीलीय पक्ष में सरकारी वकील के रूप में नियुक्त किया गया था।
-1986 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट में निवारक हिरासत मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया। 1 नवंबर 1995 को उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय के अपीलीय पक्ष में मुख्य सरकारी वकील के पद पर नियुक्त किया गया। उन्हें 1996 में बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के पद पर प्रमोट किया गया।
-13 सितंबर 2011 को उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट किया गया। सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें 1 दिसंबर 2014 से विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्हें अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (आयकर) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।
-उन्हें 6 मार्च 2020 से भारत के परिसीमन आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के लिए अंतिम परिसीमन रिपोर्ट प्रस्तुत की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए नामों की सिफारिश करने वाली चयन समिति की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
-उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा 27 मई 2022 को गठित समिति की अध्यक्ष के रूप में काम किया। इसका मकसद उत्तराखंड सरकार को राज्य के लिए समान नागरिक संहिता बनाने में सक्षम बनाने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करना था। वे वर्तमान में गुजरात सरकार द्वारा इसी उद्देश्य के लिए गठित समिति की अध्यक्षता कर रही हैं।
-उन्हें 17 जून 2022 की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से भारतीय प्रेस परिषद की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और उन्होंने दिसंबर 2025 तक इस पद पर काम किया। वे वर्तमान में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।




साइन इन