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सैलरी, पेंशन और लीव…केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के सामने प्रस्ताव

केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों पर सुझाव लेने के लिए गठित इस वेतन आयोग ने 18 सवालों वाला एक प्रश्नपत्र जारी किया है। वेतन आयोग ने प्रश्नावली के माध्यम से हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है।

Thu, 2 April 2026 02:19 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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सैलरी, पेंशन और लीव…केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के सामने प्रस्ताव

8th Pay Commission latest update: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। ऐसा अनुमान है कि वेतन आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 की पहली छमाही में सरकार को सौंप सकता है। इससे पहले, केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों पर सुझाव लेने के लिए गठित इस वेतन आयोग ने 18 सवालों वाला एक प्रश्नपत्र जारी किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की शीर्ष संस्था NC-JCM (स्टाफ साइड) ने वेतन आयोग से कुछ अहम बिंदुओं को जोड़ने की अपील की है। ये अहम मुद्दे केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और लीव से जुड़े हैं।

क्या हैं मांग?

NC-JCM का कहना है कि जो कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आते हैं और जिन्होंने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को चुना है, उन्हें कई तरह की समस्याओं, शिकायतों और मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों पर कोई भी कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम लागू नहीं की जानी चाहिए।

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NC-JCM के मुताबिक कर्मचारियों की मांग है कि CCS (पेंशन) नियम 1972 (अब 2021) के तहत नॉन-कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम को फिर से बहाल किया जाए। इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों के विचार प्रस्तुत करने के लिए एक प्रावधान की मांग की गई है। पेंशनर्स के मुद्दों को भी विशेष रूप से शामिल करने की मांग की गई है। वेतन आयोग से कहा गया है कि पेंशन संशोधन, समानता, कम्यूटेड वैल्यू की बहाली और अन्य कल्याणकारी उपायों पर अलग से विचार किया जाना चाहिए।

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महिला कर्मचारियों के लिए मांग

महिला कर्मचारियों के लिए भी कई अहम मांग किए गए हैं। कर्मचारियों की सिक्योरिटी, मैटरनिटी बेनिफिट, पीरियड से जुड़े लीव, चाइल्ड केयर लीव (CCL), कार्यस्थल पर समानता और अन्य वेलफेयर स्कीम्स की मांग की गई। NC-JCM ने कहा कि अलग-अलग सरकारी विभागों की समस्याएं अलग होती हैं, इसलिए उनके लिए अलग से सुझाव देने का विकल्प होना चाहिए।

डेडलाइन बढ़ाने की मांग

सुझाव देने की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग की गई है। एनसी-जेसीएम ने कहा कि देशभर में फैले संगठनों से राय लेने में समय लगता है, इसलिए विभागीय ज्ञापन जमा करने की तारीख 31 मई 2026 तक बढ़ाई जाए। NC-JCM ने लिखा है कि अटैचमेंट साइज की मौजूदा 2 MB की सीमा काफी सीमित है। इसे बढ़ाकर 10 एमबी किया जाना चाहिए ताकि विस्तृत दस्तावेज, रिपोर्ट और डेटा एनेक्सचर जमा करने में आसानी हो।

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कर्मचारी संगठन का कहना है कि ऑनलाइन के अलावा ई-मेल और हार्ड कॉपी के जरिए भी ज्ञापन देने की अनुमति होनी चाहिए, ताकि तकनीकी बाधाएं कम हों और सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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