8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों के होंगे कम से कम 5 प्रमोशन? सैलरी समेत पर ये अपडेट
8th Pay Commission latest : कर्मचारी संगठनों ने परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 करने, हर कर्मचारी को कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करने, सालाना वेतन वृद्धि बढ़ाने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं।

8th Pay Commission: नई दिल्ली में 25 फरवरी को हुई नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड)–जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की अहम बैठक में 8वें वेतन आयोग को लेकर कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 करने, हर कर्मचारी को कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करने, सालाना वेतन वृद्धि बढ़ाने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं। बैठक में रक्षा, रेलवे और डाक विभाग समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
क्या है डिटेल
ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) के महासचिव सी. श्रीकुमार ने बताया कि बैठक में न्यूनतम बेसिक पे, प्रमोशन पॉलिसी और वार्षिक वेतन वृद्धि जैसे मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की गई। आने वाले 10-15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठन अपनी-अपनी मांगें भेजेंगे, जिसके आधार पर एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा। यह ज्ञापन 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। वहीं केंद्रीय सरकारी कर्मचारी परिसंघ के प्रतिनिधि मनजीत सिंह पटेल ने कहा कि 10 मार्च को अगली बैठक में इस साझा ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इन मुद्दों पर बातचीत
बैठक में परिवार यूनिट बढ़ाने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। अभी वेतन संशोधन में परिवार की 3 इकाइयों को माना जाता है, लेकिन कर्मचारी संगठन इसे 5 करने की मांग कर रहे हैं ताकि माता-पिता को भी शामिल किया जा सके। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी है। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब भी जल्द भेजने पर सहमति बनी, क्योंकि इसकी समय सीमा नजदीक है।
प्रमोशन को लेकर भी नाराजगी
प्रमोशन को लेकर भी कर्मचारियों में काफी नाराजगी बताई गई। श्रीकुमार ने कहा कि जूनियर स्तर पर कई प्रतिभाशाली कर्मचारी वर्षों तक प्रमोशन से वंचित रह जाते हैं, जिससे निराशा बढ़ती है। इसलिए 8वें वेतन आयोग में हर कर्मचारी के लिए कम से कम 5 प्रमोशन का प्रावधान सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है। साथ ही अधिकतम और न्यूनतम वेतन के बीच अंतर कम करने पर भी चर्चा हुई। फिलहाल 7वें वेतन आयोग में अधिकतम बेसिक पे, न्यूनतम वेतन का 13 गुना तक है, जिसे घटाकर 10 गुना करने की मांग उठी।
पेंशन व्यवस्था बना बड़ा मुद्दा
पेंशन व्यवस्था को लेकर भी बड़ा मुद्दा सामने आया। कर्मचारी संगठनों ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि OPS से रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा जिन शहरों में CGHS की सुविधा नहीं है, वहां कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाला 1,000 रुपये मासिक भत्ता बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की मांग भी उठी।
कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। अब सबकी नजर 10 मार्च की बैठक और उसके बाद आयोग को सौंपे जाने वाले साझा ज्ञापन पर टिकी है, जिससे तय होगा कि सरकार इन मांगों पर कितना सकारात्मक रुख अपनाती है।




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