8वें वेतन आयोग ने दे दिया बड़ा अपडेट, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी
केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले वेतन आयोग ने कर्मचारियों के संगठन या अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में आठवें वेतन आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया है।

8th Pay Commission latest: केंद्र सरकार के कर्मचारी या पेंशनभोगी हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वैसे तो ये सिफारिशें मई 2027 में लागू होंगी लेकिन
इससे पहले वेतन आयोग ने कर्मचारियों के संगठन या अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में आठवें वेतन आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया है।
क्या है मामला?
दरअसल, 8वें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया है कि मेमोरेंडम जमा करने की समय सीमा 30 अप्रैल तक खुली रहेगी। 20 अप्रैल की समय सीमा केवल उन यूनियनों और संघों पर लागू थी जो आयोग की शुरुआती बैठकों के दौरान उससे जल्द बातचीत करना चाहते थे। बाकी सभी इच्छुक हितधारकों के पास अभी भी अपने सुझाव और विचार जमा करने का समय है।
बता दें कि हितधारकों में सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और संबंधित संगठन शामिल हैं। कहने का मतलब है कि 30 अप्रैल तक सरकारी कर्मचारी या पेंशनभगी अपने सुझाव वेतन आयोग को सौंप सकते हैं। वेतन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली, महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में अतिरिक्त बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि परामर्श प्रक्रिया में अधिक से अधिक संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
क्यों बनाया गया था वेतन आयोग?
बता दें कि भारत सरकार ने 8वें वेतन आयोग की स्थापना केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भत्तों, सैलरी स्ट्रक्चर और पेंशन लाभों की समीक्षा करने और उनमें बदलावों की सिफारिश करने के लिए की थी। दरअसल, सरकार हर दस साल में एक बार वेतन आयोग बनाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का सैलरी-भत्ता आर्थिक स्थितियों, महंगाई और सार्वजनिक क्षेत्र की बदलती जिम्मेदारियों के साथ तालमेल बिठाकर चले।
वेतन आयोग से क्या हो रही डिमांड?
8वें वेतन आयोग से लगातार डिमांड की जा रही है। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) (NCJCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने भी एक ज्ञापन वेतन आयोग को सौंपा है। वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव की मांग की है। NCJCM ने न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 प्रति माह करने की सिफारिश की है। दूसरी प्रमुख मांग 3.833 के एक समान फिटमेंट फैक्टर की है। यह प्रस्ताव संशोधित वेतन प्रणाली के तहत मौजूदा मूल वेतन और पेंशन स्तरों को पुनर्गठित करने के लिए दिया गया है।




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