8वां वेतन आयोग इस स्कीम में बदलाव करेगा? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी
हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को घर बनाने, खरीदने, मरम्मत कराने या प्लॉट खरीदने के लिए सरकार बेहद कम ब्याज दर पर लोन देती है।

8th Pay Commission latest: सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार की ओर कई खास सुविधाएं मिलती हैं। इनमें से एक सुविधा हाउस बिल्डिंग एडवांस (एचबीए) की है। इस योजना में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान घर बनाने में सरकार की ओर से मदद मिलती है। अब आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद इस योजना को लेकर तरह-तरह की मांग की जा रही है। डिटेल में जानते हैं।
क्या है हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना
हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को घर बनाने, खरीदने, मरम्मत कराने या प्लॉट खरीदने के लिए सरकार बेहद कम ब्याज दर पर लोन देती है। यह ब्याज दर आमतौर पर 6% से 7.5% के बीच होती है जबकि निजी बैंकों में होम लोन की दरें इससे काफी अधिक होती हैं। बता दें कि एक केंद्रीय कर्मचारी अपनी मूल वेतन + डीए के 34 गुना तक या 25 लाख रुपये तक की अधिकतम राशि एचबीए के रूप में ले सकता है।
यदि कर्मचारी घर का विस्तार या मरम्मत कराना चाहता है, तो इसके लिए भी निर्धारित सीमा के अनुसार एडवांस मंजूर किया जाता है। योजना केंद्र सरकार के सभी स्थायी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है जबकि कुछ शर्तों के साथ अस्थायी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि केंद्रीय कर्मचारी ने कम से कम 5 साल की सरकारी सेवा पूरी की हो। इसके अलावा कर्मचारी के नाम पर कोई सरकारी आवास या पूर्व में मकान ना हो।
अब क्या है डिमांड?
आठवें वेतन आयोग को प्रस्तुत किए जाने वाले ज्ञापन की तैयारी हेतु राष्ट्रीय डाक संगठन संघ (एफएनपीओ) ने एनसी-जेसीएम स्टाफ साइड को दिए गए अपने सुझावों में हाउस बिल्डिंग एडवांस सीमा को बढ़ाकर 75 लाख रुपये तक करने और ब्याज दर को 5% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। इसका मकसद है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास वास्तव में वहनीय हो सके। डिमांड है कि एचबीए के संबंध में संपत्ति को गिरवी रखने और छुड़ाने के लिए लगने वाले स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क को माफ या प्रतिपूर्ति की जा सकती है क्योंकि ये कर्मचारियों पर लगाए गए प्रक्रियात्मक दायित्व हैं।
डिमांड में ये भी है कि HBA का लाभ उठाने की पात्रता अवधि को मौजूदा पांच वर्ष की सेवा अवधि के बजाय दो वर्ष तक कम किया जा सकता है। यदि शेष सेवा अवधि सामान्य री-पेमेंट अनुसूची के अंतर्गत पूर्ण भुगतान के लिए अपर्याप्त है, तो पात्रता और री-पेमेंट क्षमता का आकलन करते समय कर्मचारी को देय संपूर्ण ग्रेच्युटी को ध्यान में रखा जा सकता है। कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा उपायों के अधीन, पुराने या पहले से निर्मित मकानों की खरीद के लिए एचबीए का लाभ उठाने की अनुमति दी जा सकती है। बता दें कि 8वें वेतन आयोग ने अभी-अभी अपना कार्य शुरू किया है और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने में 18 महीने तक का समय लग सकता है। तब तक यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि एफएनपीओ के सुझाव स्वीकार किए जाएंगे या नहीं।




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