₹75 लाख ग्रेच्युटी, OPS की बहाली, कैशलेस इजाल; NC-JCM ने पेंशनभोगियों के लिए उठाई ये 10 मांगें
नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 8वें वेतन आयोग को 51-पेज का एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की 8वें CPC से मांगों का विवरण दिया गया है। यहां पेंशनभोगियों के लिए उठाई गई 10 मुख्य मांगों के बारे में बता रहे हैं।

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता यानी DA में 2% की बढ़ोतरी का का ऐलान किया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़कर 60% हो गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई जब आठवें वेतन आयोग का गठन हो चुका है। इस बीच, नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 8वें वेतन आयोग को 51-पेज का एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की 8वें CPC से मांगों का विवरण दिया गया है। 13 अप्रैल, 2026 को सौंपे गए इस ज्ञापन में पेंशनभोगियों के लिए कुछ मुख्य बातें शामिल हैं।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर 3.833, 75 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी राशि, 'वन रैंक-वन पेंशन' योजना, पेंशन कम्यूटेशन की अवधि में कमी, महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का 25% तक पहुंचने तक मूल वेतन में विलय, और कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) सुविधाओं शामिल हैं। हम यहां NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी द्वारा 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए साझा ज्ञापन में पेंशनभोगियों के लिए उठाई गई 10 मुख्य मांगों के बारे में बता रहे हैं।
1. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर
NC-JCM के अनुसार, पेंशनभोगियों को 1 जनवरी, 2026 से बकाया राशि यानी एरियर मिलना शुरू हो जाना चाहिए। साथ ही, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिटमेंट फैक्टर समान 3.833 होना चाहिए। 31 दिसंबर, 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
2. नागरिक पेंशनभोगियों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' स्कीम
NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी ने नागरिक कर्मचारियों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' (OROP) स्कीम की तर्ज पर एक पेंशन योजना की वकालत की है। इसका मतलब ये है कि जिन कर्मचारियों ने 2016 से पहले इस्तीफा दिया था और जो बाद में रियायर होंगे, उन्हें एक समान पेंशन मिलेगी। बशर्ते रिटायरमेंट के समय उनका पद समान रहा हो।
3. NPS/UPS की वापसी और OPS की बहाली
ड्राफ्टिंग कमेटी ने सुझाव दिया है कि 8वां वेतन आयोग नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) योजनाओं को समाप्त कर दे। इसकी जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू किया जाए। उनका तर्क है कि NPS ने वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा को पहले ही अस्थिर बना दिया है और इसे बाजार के कारकों पर निर्भर कर दिया है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2004 को NPS लागू किया था, जबकि UPS 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हुआ था।
4. ग्रेच्युटी (DCRG) की सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपए
NC-JCM ने मांग की है कि मौजूदा वेतन और महंगाई को देखते हुए मैक्सिमम ग्रेच्युटी की सीमा को 25 लाख रुपए से बढ़ाकर 75 लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसमें आगे कहा गया कि ग्रेच्युटी की गणना महीने के 30 दिनों के बजाय 25 प्रभावी कार्य दिवसों के आधार पर की जानी चाहिए। समिति ने 8वें वेतन आयोग से यह भी आग्रह किया है कि वह वेतन का 16.5 गुना होने वाली मौजूदा ग्रेच्युटी की ऊपरी सीमा को हटा दें।
5. पेंशन कम्यूटेशन के 11 साल बाद पूरी पेंशन की बहाली
NC-JCM ने ये भी सुझाव दिया है कि पेंशन कम्यूटेशन के बाद पेंशन की बहाली की अवधि को 15 साल से घटाकर 11 साल कर दिया जाए। वर्तमान में कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपनी पेंशन का 40% तक हिस्सा एकमुश्त राशि के रूप में ले सकते हैं। इसका मतलब है कि उन्हें 15 साल तक कम पेंशन मिलेगी। ड्राफ्टिंग समिति इस समय सीमा को कम करना चाहती है।
6. फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी
ड्राफ्टिंग समिति ने 8वें वेतन आयोग को सुझाव दिया है कि पूरी पेंशन को पिछले प्राप्त वेतन या पिछले 10 महीनों के वेतन के औसत का 50% होने के बजाय, बढ़ाकर 67% कर दिया जाए। जहां तक फैमिली पेंशन का सवाल है, ड्राफ्टिंग समिति चाहती है कि इसे पिछले प्राप्त वेतन के 30% से बढ़ाकर 50% कर दिया जाए। उसने पारिवारिक पेंशन की अवधि को भी 70 साल की आयु तक बढ़ाने की मांग की है।
7. उम्र के आधार पर पेंशन में 5% की बढ़ोतरी
NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 8वें CPC के विचार के लिए अलग-अलग व्यवस्था का सुझाव दिया है। इसके लिए कमेटी ने एक संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश का हवाला दिया है। इसमें कहा गया है कि रिटायरमेंट के बाद पेंशनभोगियों को हर 5 साल में 5% अतिरिक्त पेंशन मिलनी चाहिए।
| उम्र के आधार पर प्रस्तावित पेंशन | |
|---|---|
| उम्र (साल) | पिछली निकाली गई सैलरी |
| उम्र 65 साल | पिछली निकाली गई सैलरी (LPD) का 70% |
| उम्र 70 साल | पिछली निकाली गई सैलरी (LPD) का 75% |
| उम्र 75 साल | पिछली निकाली गई सैलरी (LPD) का 80% |
| उम्र 80 साल | पिछली निकाली गई सैलरी (LPD) का 85% |
| उम्र 85 साल | पिछली निकाली गई सैलरी (LPD) का 90% |
| उम्र 90 साल | पिछली निकाली गई सैलरी (LPD) का 100% |
8. DA/DR के 25% तक पहुंचने पर बेसिक पे में मिला देना
ड्राफ्टिंग कमेटी ने सिफारिश की है कि जब DA और DR 25% तक पहुंच नहीं जाता, तब तक 8वें वेतन आयोग को उन्हें बेसिक पे में मिला दिया जाना चाहिए। अब तक, मूल वेतन को DA या DR में मिलाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस तरह के विलय का फायदा यह है कि DR मूल वेतन पर दिया जाता है। विलय के बाद, मूल वेतन बढ़ जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप DR में बढ़ोतरी की राशि भी ज्यादा होगी।
9. 600 दिनों की छुट्टी का इनकैशमेंट
ऐसे कर्मचारी जो रिटायर होते हैं वो 300 दिनों तक की छुट्टी का नकदीकरण (इनकैशमेंट) कर सकते हैं। ड्राफ्टिंग कमेटी ने इनकैशमेंट की सीमा को बढ़ाकर 600 दिन करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें कहा गया है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने 20 साल या उससे ज्यादा समय तक सर्विस की है, तो वह अपनी जमा छुट्टियों के एक हिस्से जैसे 50% को इनकैशमेंट में बदल सकता है, ताकि वह अपनी कुछ फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा कर सके।
10. CGHS केंद्रों का 150 शहरों तक विस्तार
ड्राफ्टिंग कमेटी ने सिफारिश की है कि भारत में CGHS सुविधाओं का विस्तार मौजूदा 81 शहरों से बढ़ाकर 150 शहरों तक किया जाए। 8वें CPC की सिफारिशों के अनुसार, CGHS और CSMA नियमों के तहत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधाएं दी जानी चाहिए।




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