57233% रिटर्न! कोल इंडिया को मालामाल कर देगा इस मिनी रत्न कंपनी का IPO
कोल इंडिया ने कुल 3.2 करोड़ रुपये लगाकर 10.71 करोड़ शेयर खरीदे थे। अब इस आईपीओ के जरिए उसे करीब 1842 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस तरह से उसे करीब 1839 करोड़ रुपये का सीधा मुनाफा होगा। अगर इसे प्रतिशत में बदला जाए तो कोल इंडिया को उसके निवेश पर 57,233 फीसदी का भारी भरकम रिटर्न मिलने जा रहा है।

IPO News: शेयर बाजार में इस हफ्ते एक नए आईपीओ के आने से फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है। कोल इंडिया की सहायक कंपनी, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) का आईपीओ 20 मार्च से निवेश के लिए खुलने जा रहा है। यह मिनी रत्न कंपनी का आईपीओ 24 मार्च तक जारी रहेगा। कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 163 रुपये से 172 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। अगर ऊपरी दाम की बात करें तो इस आईपीओ के जरिए 1842 करोड़ रुपये जुटाए जाने का लक्ष्य है।
ग्रे मार्केट में तेजी, संकेत सकारात्मक
यह पूरा आईपीओ ओएफएस (ऑफर फॉर सेल) यानी बिक्री पेशकश है, जिसमें कोल इंडिया अपने हिस्से के शेयर बेचेगी। इसलिए इस आईपीओ से जुटाई गई पूरी रकम सीधे कोल इंडिया के खाते में जाएगी। वहीं अगर अनौपचारिक बाजार यानी ग्रे मार्केट पर नजर डालें तो वहां इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक माहौल है। फिलहाल इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 21 रुपये है, जो यह संकेत देता है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 12 फीसदी के फायदे के साथ शेयर मिल सकते हैं।
कोल इंडिया को 57000 फीसदी का ऐतिहासिक रिटर्न
इस आईपीओ से निवेशकों को होने वाले फायदे से कहीं ज्यादा फायदा इसकी मूल कंपनी कोल इंडिया को होता नजर आ रहा है। मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोल इंडिया ने ये शेयर सालों पहले बेहद कम दाम पर खरीदे थे। उनकी लागत महज 0.3 रुपये प्रति शेयर है। कोल इंडिया ने कुल 3.2 करोड़ रुपये लगाकर 10.71 करोड़ शेयर खरीदे थे। अब इस आईपीओ के जरिए उसे करीब 1842 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस तरह से उसे करीब 1839 करोड़ रुपये का सीधा मुनाफा होगा। अगर इसे प्रतिशत में बदला जाए तो कोल इंडिया को उसके निवेश पर 57,233 फीसदी का भारी भरकम रिटर्न मिलने जा रहा है।
बीसीसीएल के बाद कोल इंडिया का दूसरा आईपीओ
यह तीन महीने के अंदर कोल इंडिया की ओर से दूसरा आईपीओ है। इससे पहले जनवरी में भारत कोकिंग कोल यानी बीसीसीएल का आईपीओ आया था। उस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला था और यह करीब 144 गुना सब्सक्राइब हुआ था। लिस्टिंग के बाद से बीसीसीएल के शेयरों ने निवेशकों की संपत्ति दोगुनी से भी ज्यादा कर दी है। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि सेंट्रल माइन प्लानिंग का आईपीओ भी ऐसा ही कमाल दिखा सकता है।
सुस्त पड़े प्राइमरी मार्केट को मिलेगी रफ्तार?
खासकर तब जब 2026 में शुरुआती दौर के आईपीओ का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक इस साल लिस्ट हुए ज्यादातर आईपीओ निवेशकों को निराश ही कर रहे हैं और लिस्टिंग के दिन औसतन 3 फीसदी से भी कम का फायदा मिला है। ऐसे में सीएमपीडीआई का आईपीओ प्राइमरी मार्केट में नई जान फूंक सकता है।
क्या है सेंट्रल माइन प्लानिंग का कारोबार?
अब बात करते हैं कंपनी की। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट एक मिनी रत्न कंपनी है जो कोयला और खनिज खोज में सलाहकार और योजना संबंधी सेवाएं देती है। पिछले पांच दशकों के अनुभव वाली यह कंपनी कोयला मंत्रालय को भी रणनीतिक फैसले लेने में मदद करती है। पिछले दस सालों में कंपनी ने 320 से ज्यादा प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की हैं। वित्तीय सेहत की बात करें तो दिसंबर 2025 तक के नौ महीने में कंपनी ने 425 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल की समान अवधि से करीब 9 फीसदी ज्यादा है।
निवेश से पहले समझ लें ये बात
किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि इस आईपीओ से जुटाई गई रकम कंपनी के कामकाज के लिए इस्तेमाल नहीं होगी बल्कि सीधे कोल इंडिया के पास जाएगी। लेकिन कंपनी की मजबूत पकड़, सरकारी क्षेत्र की कंपनी होने की विश्वसनीयता और बीसीसीएल जैसी सहायक कंपनी की सफलता ने इस आईपीओ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। जो निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सोच रहे हैं, उन्हें कंपनी के कारोबार और उसके भविष्य की संभावनाओं को समझने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।




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