बेटा हुआ तो खुशी में डूबे, घर पहुंची तो निकली बेटी; बिहार के अस्पताल में अदला-बदली का गजब खेल
नर्स ने उसकी मां रामकली देवी को बच्चा सौंप दिया। करीब दस बजे चंचला व बच्चे को लेकर मां घर चली गई। घर पर नवजात को देखा तो वह लड़की थी। उसके बाद परिजनों ने एमसीएच पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। मेडिकल ओपी प्रभारी राजकुमार गौतम ने परिजनों को शांत कराया।

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित एसकेएमसीएच स्थित एमसीएच में मंगलवार को बीजेछपरा गांव की महिला का प्रसव हुआ। नर्स ने बेटा होने की जानकारी दी। परिजनों में खुशियां छा गई। बधाई का दौर शुरू हुआ। लेकिन जब परिजन जच्चा और बच्चा को लेकर घर पहुंचे तो नवजात बेटी थी। उसके बाद परिजनों ने एमसीएच में पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। अस्पताल के दस्तावेज बेड हेड टिकट (बीएचटी) में भी नवजात के बेटा होने का ही रिकार्ड है।
मामले की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ-2 विनीता सिंहा ने भी मामले की जांच शुरू की। एचओडी डॉ. प्रतिमा कुमारी से मामले की जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन ने भी इस मामले की अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
अहियापुर के बीजेछपरा गांव की प्रसूता चंचला कुमारी के पति अजीत कुमार ने पुलिस को बताया कि सोमवार की रात पत्नी को प्रसव के लिए एमसीएच में भर्ती कराया था। मंगलवार की सुबह 6:50 बजे प्रसव हुआ। नर्स ने चंचला को पुत्र जन्म देने की बात कही। बाद में नर्स ने उसकी मां रामकली देवी को बच्चा सौंप दिया।
करीब दस बजे चंचला व बच्चे को लेकर मां घर चली गई। घर पर नवजात को देखा तो वह लड़की थी। उसके बाद परिजनों ने एमसीएच पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। मेडिकल ओपी प्रभारी राजकुमार गौतम ने परिजनों को शांत कराया।
2020 में भी बदला गया था बच्चा, आज तक पता नहीं चला
8 फरवरी, 2020 को भी एक नवजात बदल लिया गया था। आज तक उसका कुछ पता नहीं चला है। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज की एनआईसीयू में शिवहर जिले की महिला ने नवजात को भर्ती कराया था। एक महिला ने बच्चे को बदल लिया था। उस महिला का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।




साइन इन