why teahers and student not making attendence on tab in bihar बिहार में टैब पर हाजिरी क्यों नहीं बना रहे टीचर और छात्र, फरवरी में ही मिला था आदेश, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार में टैब पर हाजिरी क्यों नहीं बना रहे टीचर और छात्र, फरवरी में ही मिला था आदेश

टैब से हाजिरी नहीं बनने के पीछे दो-तीन कारण बताये जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण बताया जाता है कि स्कूलों में बच्चों की अभी जितनी उपस्थिति दर्शायी जा रही है, वास्तविक रूप से उतनी उपस्थिति नहीं है। दूसरा, कई स्कूलों में शिक्षकों को टैब के संचालन में भी परेशानी हो रही है।

Mon, 13 April 2026 07:35 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share
बिहार में टैब पर हाजिरी क्यों नहीं बना रहे टीचर और छात्र, फरवरी में ही मिला था आदेश

राज्य के स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी बनाने के लिए एक लाख 55 हजार से अधिक टैब भेजे जा चुके हैं। इसके बाद भी 76 हजार स्कूलों के सभी पौने दो करोड़ बच्चों और 5.96 लाख शिक्षकों की टैब से हाजिरी नहीं बन पा रही है। शिक्षा विभाग ने तो फरवरी से ही सभी स्कूलों में टैब से हाजिरी बनाने का आदेश दिया था, लेकिन अप्रैल में नया सत्र शुरू होने के बाद भी विभाग के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। कुछ स्कूलों को छोड़ कर अधिकतर स्कूलों में टैब से हाजिरी अब भी नहीं बन रही है।

क्यों नहीं बन पा रही हाजिरी

टैब से हाजिरी नहीं बनने के पीछे दो-तीन कारण बताये जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण बताया जाता है कि स्कूलों में बच्चों की अभी जितनी उपस्थिति दर्शायी जा रही है, वास्तविक रूप से उतनी उपस्थिति नहीं है। दूसरा, कई स्कूलों में शिक्षकों को टैब के संचालन में भी परेशानी हो रही है। सभी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक भी नहीं हैं। अभी शिक्षक स्कूल पहुंचे बिना ही मोबाइल पर तस्वीर के माध्यम से भी हाजिरी बना ले रहे हैं, लेकिन टैब से स्कूल में मौजूद रहे बिना हाजिरी नहीं बन सकेगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार में पछुआ हवाओं ने बढ़ाई गर्मी, 40 के पार जाएगा पारा; मौसम का हाल
ये भी पढ़ें:14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान और 15 को शपथ, बिहार में नई सरकार पर लेटेस्ट अपडेट

97 फीसदी स्कूलों में टैब दिये जा चुके : बच्चों और शिक्षकों की टैब से ऑनलाइन हाजिरी बनाने के लिए सभी के 76 हजार 116 सरकारी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्मयिक विद्यालयों में टैब देने का लक्ष्य था। इसमें से अभी तक 75 हजार 640 स्कूलों में एक लाख 55 हजार 417 टैब उपलब्ध करा दिये गए हैं। प्रत्येक स्कूल को दो-दो टैब दिये गए हैं, जिस स्कूल में बच्चों का नामांकन अधिक है, वहां तीन टैब भी दिये गये हैं। बिहार राज्य शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा एजेंसी के माध्यम से टैब उपलब्ध कराये गये हैं। टैब के माध्यम से बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी सही तरीके से बनाने और मध्याह्न भोजन संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। बीते दिसंबर-जनवरी में लगभग सभी प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण दिला दिया गया था।

प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक के साथ ही प्रत्येक स्कूल में इसके लिए एक-एक नोडल शिक्षक को भी प्रशिक्षण दिलाया गया है। तकनीकी रूप से अधिक जागरूक शिक्षक को नोडल बनाने के लिए कहा गया था। हाजिरी बनते ही ई शिक्षा कोष पर दर्ज होगाटैब में सभी आवश्यक फीचर दिये गये हैं। शिक्षकों और विद्यार्थियों की हाजिरी बनते ही ई शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज हो जायेगी। इस व्यवस्था में फेशियल रिक्ग्नाइजेशन सिस्टम (एफआरएस) का उपयोग होता है। इसमें वर्ग शिक्षक को संबंधित कक्षा के सभी बच्चों का सामूहिक फोटो भी अपलोड करना होगा।शिक्षकों का अपना-अपना कोड होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:नीतीश के विधायक के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी, अंडरग्राउंड हो गए अमरेंद्र पांडेय
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।