थानेदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करे पुलिस, जज ने दारोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट निकाला
काजीमोहम्मदपुर थानाध्यक्ष पर पॉक्सो एक्ट के एक मामले की जांच आठ वर्ष में पूरी नहीं करने पर विशेष कोर्ट ने सख्ती की है। इससे पहले उनसे जांच का प्रगति प्रतिवेदन मांगा गया था। प्रगति प्रतिवेदन नहीं देने पर बीते 24 जून को उनपर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक ने काजीमोहम्मदपुर थानाध्यक्ष को गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने बुधवार को थानाध्यक्ष के विरुद्ध गैरजमानतीय वारंट जारी किया है। इस वारंट का तामिला कराने की जिम्मेदारी डीएसपी (पूर्वी) को सौंपी गई है। विशेष कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि आठ जुलाई तय की है।
काजीमोहम्मदपुर थानाध्यक्ष पर पॉक्सो एक्ट के एक मामले की जांच आठ वर्ष में पूरी नहीं करने पर विशेष कोर्ट ने सख्ती की है। इससे पहले उनसे जांच का प्रगति प्रतिवेदन मांगा गया था। प्रगति प्रतिवेदन नहीं देने पर बीते 24 जून को उनपर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था। इसपर की गई कार्रवाई की जानकारी विशेष कोर्ट में नहीं दी गई। थानाध्यक्ष को बुधवार को विशेष कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी था। वे कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति एसएसपी, एडीजीपी (कमजोर वर्ग) व सीआईडी को भेजने का भी निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कई बार दिया था स्थिति स्पष्ट करने का आदेश
काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की अनुसूचित जाति की महिला के कोर्ट परिवाद के आधार पर 24 दिसंबर 2017 को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें उसने आनंद कुमार वर्मा, उसके पुत्र सोनू, रामभरोस महतो व उसके पुत्र राकेश कुमार को आरोपित बनाया था। इन सभी पर उसे व उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस इस मामले की जांच अब तक पूरी नहीं कर पाई है। विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक ने थानाध्यक्ष को कई बार इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया था।




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