Bihar Weather Today: रेनकोट पहन कर निकलें, उत्तर से ज्यादा दक्षिण बिहार में बारिश और ठनका; पटना में कैसा रहेगा मौसम
Bihar Weather Today: पटना सहित अधिकतर जिलों में बुधवार को बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई। बिहार भर में गुरुवार को बारिश और ठनका के आसार हैं। इस दौरान उत्तर बिहार के मुकाबले दक्षिण बिहार के अधिक जगहों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है।

Bihar Weather Today" data-vars-link-type="Auto" data-vars-page-type="story">Weather Today: बिहार के अधिकतर जिलों में मौसम बदला हुआ हैै। बुधवार को कई जगहों पर बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि गुरुवार को उत्तर के मुकाबले दक्षिण बिहार में ज्यादा जगहों पर बारिश होगी। इसके अलावा बिजली और ठनका गिरने का भी अनुमान है। पटना जिले के एक या दो स्थानों पर गुरुवार को बारिश होने के आसार हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने और ठनका गिरने का भी पूर्वानुमान है। वहीं बुधवार को राजधानी के कई इलाकों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश हुई।
राजधानी में 1.6 एमएम बारिश हुई। इसके बावजूद सूरज के तल्ख तेवर रहने के कारण लोगों को भीषण गर्मी का एहसास हुआ। लेकिन अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। लेकिन न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। पटना का अधिकतम तापमान 34.4 और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य भर में गुरुवार को बारिश और ठनका के आसार हैं। इस दौरान उत्तर बिहार के मुकाबले दक्षिण बिहार के अधिक जगहों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है।
अधिकतम तापमान गिरा
पटना सहित अधिकतर जिलों में बुधवार को बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई। लेकिन न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। राज्य का सबसे अधिक तापमान 38 डिग्री सेल्सियस गोपालगंज में और सबसे कम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस शेखपुरा में दर्ज किया गया। सबसे अधिक बारिश रोहतास के तिलहोतू में 48.8 मिलीमीटर हुए।
गंगा का जलस्तर बढ़ा
पटना में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 48 घंटे में गंगा के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 44.84 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि अभी यह खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है। दीघा घाट और हाथीदह में भी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर गांधी घाट में बुधवार को 44.84 मीटर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। अभी भी नदी खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है।




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