Who was Gopal Khemka elder son also killed fetal attack on younger son कौन थे गोपाल खेमका? बड़े बेटे के बाद पिता की हत्या से व्यापारियों में खौफ, छोटे बेटे पर भी गोली चली थी, Bihar Hindi News - Hindustan
More

कौन थे गोपाल खेमका? बड़े बेटे के बाद पिता की हत्या से व्यापारियों में खौफ, छोटे बेटे पर भी गोली चली थी

गोपाल खेमका एक डॉक्टर थे। एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद गोपाल खेमका ने हेल्थकेयर के सेक्टर में अपना बिजनेस से शुरू किया। वैशाली के हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में उनकी कार्टन फैक्ट्री थी जिसकी देखरेख बड़े बेटे गुंजन करते थे।

Sat, 5 July 2025 09:50 AMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान, पटना
share
कौन थे गोपाल खेमका? बड़े बेटे के बाद पिता की हत्या से व्यापारियों में खौफ, छोटे बेटे पर भी गोली चली थी

Gopal Khemka Murder: बिहार के नामचीन व्यवसायी डॉ गोपाल खेमका की शुक्रवार की रात की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। घात लगाए बदमाशों ने पटना के रामगुलाम चौक स्थित अपार्टमेंट के पास गाड़ी से उतरते ही गोलियां बरसा दी। इस परिवार में यह दूसरा मर्डर है। उनके बड़े बेटे गुंजन खेमका की 2018 में हत्या कर दी गई थी। खेमका के छोटे बेटे पर भी गोली चली थी। इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में डीजीपी विनय कुमार के आदेश पर एसआईटी का गठन कर छानबीन शुरू कर दिया गया है। सेंट्रस एसपी दीक्षा इसे लीड कर रही हैं। इधर खेमका की पत्नी और परिवार के लोग दिल्ली से पटना पहुंच गए हैं।

जानकारी के मुताबिक गोपाल खेमका एक डॉक्टर थे। एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद गोपाल खेमका ने हेल्थकेयर के सेक्टर में अपना बिजनेस से शुरू किया। उन्होंने पटना के राजेंद्र नगर में मगध हॉस्पिटल खोला। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबार का विस्तार किया। कई फैक्ट्रियां खोलीं। वैशाली के हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में उनकी कार्टन फैक्ट्री थी जिसकी देखरेख बड़े बेटे गुंजन खेमका कर थे। उनका पेट्रोल पंप का भी कारोबार है। उनकी गिनती बिहार के बड़े उद्योगपतियों में की जाती है। हालांकि बेटे गुंजन की हत्या के बाद उन्होंने कई कई कारोबार को बेच कर समेट लिया था। खेमका के परोसियों ने बताया है कि कुछ माह पहले गोपाल खेमका के छोटे बेटे पर गोली चलाई गई थी लेकिन वे बच गए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या से पटना में सनसनी, घर के पास गोलियों से भूना

गोपाल खेमका भारतीय जनता पार्टी के नेता भी थे। लेकिन बेटे की हत्या के बाद राजनीति से किनारा कर लिया था। वे बांकीपुर क्लब के सदस्य थे। इस क्लब के गोपाल खेमका सचिव भी रह चुके थे। खेमका की हत्या से बिहार के व्यवसायियों में खौफ छा गया है। बताया जा रहा है कि बिहार में कारोबारियों पर टारगेटेड हमले का दौर फिर से शुरू हो गया है। बेटे की हत्या के बाद भी गोपाल खेमका की सिक्योरिटी थ्रेट को पुलिस भांप नहीं पाई। इसी वजह से अपराधियों ने घर के पास उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गोपाल खेमका फैमिली में दूसरा मर्डर; 2018 में इसी तरह बेटे की हुई थी हत्या

मृतक के भाई संतोष खेमका ने बताया कि हत्याकांड के बाद भी पुलिस को रिस्पॉन्स करने में बहुत समय लगा। गांधी मैदान थाना पुलिस करीब डेढ़ बजे हॉस्पिटल पहुंची। सेंट्रल एसपी दीक्षा भी लगभग ढाई बजे पहुंचीं जबकि घटना स्थल(एग्जीबिशन रोड) गांधी मैदान थाना से करीब 300 मीटर पर है। इसी इलाके में पटना एसएसपी समेत कई वरीय पुलिस पदाधिकारियों का भी आवास है।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।