Who is Sanjiv Chaurasia, appointed as Bihar Assembly Chief Whip whose name was in CM race कौन हैं संजीव चौरसिया, जिन्हें बिहार विधानसभा में बनाया गया मुख्य सचेतक; सीएम की रेस में चल रहा था नाम, Bihar Hindi News - Hindustan
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कौन हैं संजीव चौरसिया, जिन्हें बिहार विधानसभा में बनाया गया मुख्य सचेतक; सीएम की रेस में चल रहा था नाम

संजीव चौरसिया पटना की दीघा सीट से भाजपा के तीन बार के विधायक हैं। संगठन में उनकी अच्छी पकड़ है। उनका नाम पहले मुख्यमंत्री पद की रेस में चल रहा था। सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद उन्हें अब बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक बनाया गया है।

Fri, 15 May 2026 03:52 PMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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कौन हैं संजीव चौरसिया, जिन्हें बिहार विधानसभा में बनाया गया मुख्य सचेतक; सीएम की रेस में चल रहा था नाम

बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार में संजीव चौरसिया को विधानसभा में मुख्य सचेतक बनाया गया है। चौरसिया पटना के दीघा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं। उनके पास संगठन का लंबा अनुभव है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने जब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का ऐलान किया था, उसके बाद भाजपा के संभावित सीएम चेहरे में चौरसिया का भी नाम चल रहा था। अब उन्हें मुख्य सचेतक का पद दिया गया है।

इसके साथ ही बरौली से जेडीयू के विधायक मंजीत कुमार सिंह को विधानसभा में उप मुख्य सचेतक बनाया गया है। वहीं, गायत्री देवी, राजू तिवारी, रामविलास कामत, सुधांशु शेखर, राणा रणधीर, विनय कुमार चौधरी, कृष्ण कुमार ऋषि, अरुण मांझी और रत्नेश कुमार सदा को सचेतक की जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को इनके मनोनयन का आदेश जारी किया।

संजीव चौरसिया कौन हैं?

बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक बनाए गए संजीव चौरसिया प्रदेश में भाजपा के बड़े नेता हैं। वह अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं और प्रदेश में भाजपा का वैश्य चेहरा हैं। उनके पिता गंगा प्रसाद चौरसिया सिक्किम के राज्यपाल रहे थे।

संजीव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से आते हैं और छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे। संजीव चौरसिया पटना के दीघा से तीन बार के विधायक हैं। बिहार में भाजपा के संगठन को मजबूती देने में उनका अहम योगदान रहा है। संजीव विवादों से दूर रहते हैं और संगठन में उनकी स्वीकार्यता और पकड़ भी अच्छी है। वह लो प्रोफाइल रहकर अपने काम को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए जाने जाते हैं।

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सीएम की रेस में चल रहा था नाम

बीते मार्च महीने में जब नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़ने का ऐलान किया और बिहार में भाजपा के नए सीएम के नामों की अटकलें चलने लगीं। तब नए मुख्यमंत्री की रेस में संजीव चौरसिया का नाम भी खूब चला था। हालांकि, बाद में भाजपा ने नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम रहे सम्राट चौधरी को राज्य की कमान सौंपी।

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मुख्य सचेतक का क्या काम होता है?

विधानसभा के अंदर अपने दल या गठबंधन के विधायकों की उपस्थिति, अनुशासन को सुनिश्चित करने का काम मुख्य सचेतक का होता है। सदन के अंदर दल या गठबंधन की रणनीति संभालने की जिम्मेदारी इनके पास होती है। जब कोई महत्वपूर्ण विधेयक या प्रस्ताव सदन में लाया जाता है, तो मुख्य सचेतक अपने पक्ष के सभी सदस्यों को व्हिप जारी करते हैं और उन्हें सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहते हैं। मुख्य सचेतक को आमतौर पर राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाता है। उन्हें उसी तरह की वेतन, भत्ते आदि सुविधाएं मिलती हैं।

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