इधर चिराग पासवान को मना रही भाजपा, उधर लोजपा नेता ने तुरंत सीट बंटवारा मांगा
एनडीए में सीट शेयरिंग पर फंसे पेच के बीच भाजपा चिराग पासवान को मनाने में जुटी हुई है। दूसरी ओर, चिराग की पार्टी एलजेपी-आर की ओर से तुरंत सीट शेयरिंग फॉर्मूला घोषित करने की मांग की जा रही है।

बिहार एनडीए में सीटों पर पेंच अभी नहीं सुलझा है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मनाने में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता जुटे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय एवं भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को दिल्ली में चिराग के साथ वार्ता की। दूसरी ओर, चिराग की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने तुरंत सीट शेयरिंग फॉर्मूले का ऐलान करने की मांग कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता धीरेंद्र मुन्ना ने गुरुवार को कहा कि बैठकों का दौर तेजी से चल रहा है, पर निष्कर्ष नहीं निकल रहा।
उन्होंने कहा कि 12 घंटे बाद (शुक्रवार से) नामांकन की प्रक्रिया होगी। इसको देखते हुए तुरंत बैठकर सीट बंटवारा तय होना चाहिए। गठबंधन में बड़े एवं छोटे दलों के लिए गठबंधन का फॉर्मूला क्या है, इसकी तक जानकारी नहीं दी जा रही है। इसलिए चिराग पासवान की चिंता बनी हुई है। लोजपा-आर के प्रवक्ता ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा में 100 फीसदी स्ट्राइक रेट से प्रदर्शन किया है। विधानसभा चुनाव में उस लक्ष्य को हासिल करने में देरी हो रही है।
चिराग को मनाने का जिम्मा नित्यानंद को
दूसरी ओर, भाजपा ने चिराग पासवान को मनाने का जिम्मा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को दिया है। नित्यानंद गुरुवार सुबह चिराग के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे। वहां, एलजेपी-आर प्रमुख से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। नित्यानंद ने उनकी मां से बात की और लौट गए। गुरुवार दोपहर में वापस वे चिराग के आवास पहुंचे। फिर दोनों नेताओं के बीच करीब घंटे भर बातचीत हुई।
बैठक के बाद नित्यानंद और चिराग आवास से एक साथ बाहर निकले और मुस्कुराते हुए मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि सब कुछ सकारात्मक है। वहां से नित्यानंद राय भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मिलने पहुंचे। उन्हें पूरा अपडेट देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान और नित्यानंद राय देर शाम चिराग पासवान के आवास पर पहुंचे। फिर कुछ देर भाजपा नेताओं के साथ एलजेपी-आर प्रमुख की बैठक हुई।
बताया जा रहा है कि चिराग पासवान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। वे कुछ ऐसी सीटों की मांग कर रहे हैं, जो सहयोगी दलों के पास हैं। इससे पेंच फंसा हुआ है। भाजपा उन्हें मनाने की पूरी कोशिश में जुटी है।




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