बिहार का एक और सरकारी इंजीनियर निकला धनकुबेर, काली कमाई से खरीदे 10 प्लॉट
बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के एक और इंजीनियर पर कार्रवाई करते हुए निगरानी की टीम ने कार्रवाई की है। इंजीनियर के पास से 10 कीमती भूखंडों के दस्तावेज मिले हैं, बताया जा रहा है कि काली कमाई से इन्हें खरीदा गया है।

बिहार का एक और सरकारी इंजीनियर काले धन का कुबेर निकला है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार के पटना स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी की। जांच टीम ने इंजीनियर के आवास और दफ्तर में तलाशी ली। इस दौरान 10 बेशकीमती प्लॉट, 7.56 लाख रुपये कैश के साथ म्युचूअल फंड और शेयर बाजार में निवेश के दस्तावेज बरामद हुए हैं। भूखंडों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। एजेंसी जब्त दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। इससे पहले ग्रामीण कार्य विभाग के ही दो और इंजीनियर पर आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई हो चुकी है।
अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार के ठिकानों से 5 बैंकों की पासबुक और पंजाब नेशनल बैंक, कंकड़बाग शाखा में लॉकर और एक टाटा नेक्सॉन कार जब्त की गई। छापेमारी के पहले निगरानी टी ने इंजीनियर के खिलाफ 1.12 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था।
ब्यूरो के सूत्रों की मानें तो केस दर्ज करने के वक्त इंजीनियर संजीव कुमार की संपत्ति कुल ज्ञात आय से 44.38 प्रतिशत अधिक मानी गई थी। मगर छापेमारी के बाद जब्त जमीन और निवेश के कागज के आधार पर उनकी संपत्ति इससे कई गुना अधिक होने का अनुमान है।
कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर निवासी इंजीनियर संजीव कुमार के घर और कार्यालय पर छापेमारी के दौरान मिले 10 भूखंडों के दस्तावेज के मूल्य का आकलन किया जा रहा है। जांच एजेंसी का मानना है कि इनकी खरीदारी में मोटी रकम निवेश की गई है। बिहार से बाहर भी संजीव और परिजन की संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है।
लॉकर से खुलेंगे राज?
इंजीनियर संजीव कुमार के लॉकर को खोलने और जांच के लिए संबंधित बैंक शाखा को पत्र लिखा जाएगा। इस लॉकर से सोना-चांदी और कीमती धातुओं के अतिरिक्त निवेश के दस्तावेज मिलने की संभावना है।
2 महीने में विभाग के तीसरे इंजीनियर पर ऐक्शन-
बीते दो महीने में ग्रामीण कार्य विभाग के तीसरे इंजीनियर पर आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई हुई है। संजी कुमार से पहले मधुबनी के अक्षीक्षण अभियंता रहे विनोद राय के पटना स्थित ठिकाने पर छापेमारी करीब 52 लाख रुपये कैश बरामद किया गया था। इनमें से अधिकांश नोट इंजीनियर द्वारा जला दिए गए थे। फिर मोकामा अवर प्रमंडल में तैनात सहायक अभियंता नागेंद्र कुमार के पटना और गया के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। इसमें 17 लाख रुपये कैश और लाखों के आभूषण बरामद हुए थे।




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