विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल बनने से पहले ही झुक गए 3 पिलर, सब-स्ट्रक्चर का काम बंद
भागलपुर में गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनाए जा रहे 4 लेन पुल के 3 पिलर झुक गए हैं। इनके ऊपर स्ट्रक्चर अभी खड़ा नहीं किया गया है। इनमें तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर स्थित विक्रमशिला सेतु के बगल में बन रहे समानांतर सेतु का काम इन दिनों तेजी से जारी है। समानांतर सेतु के निर्माण के दौरान कई समस्याएं सामने आ रही हैं। दरअसल, गंगा नदी के बीच में स्थित नवनिर्मित समानांतर सेतु के तीन पिलर सीधे नहीं बन पाए हैं। आशंका है कि बाढ़ के दौरान नदी की तेज धारा के दबाव से तीनों पिलर एक तरफ झुक गए हैं। इनमें से एक पिलर को समतल करने के लिए कंक्रीट के कई भारी भरकर बोल्डर रखे गए हैं, जिससे पिलर धीरे-धीरे सीधा हो जाए।
तीनों पिलर पानी की सतह से करीब 10 से 15 फीट ऊंचाई पर बने हुए हैं। झुके हुए तीनों पिलरों के पियर और कैंटिलीवर जैसे सब स्ट्रक्चर का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके ऊपर का काम अभी बंद है। पुल के अन्य पिलरों को ऊंचा करने का काम जारी है।
बता दें कि पिलरों के निर्माण में गड़बड़ी के कारण भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में तीन साल पहले निर्माणाधीन अगुवानी सेतु ध्वस्त हो चुका है। ऐसे में आम लोगों ने उम्मीद जताई थी कि अगुवानी सेतु के 25 किलोमीटर पूर्व में स्थित समानांतर सेतु के निर्माण के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं होगी। मगर तकनीकी कारणों से नवनिर्मित समानांतर सेतु के तीन पिलरों में गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की जा रही है।
पिलरों को किया जाएगा समतल-
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर ज्ञानचंद दास ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान यह समस्या सामान्य रूप से आती है। पिलरों पर वजन डालकर इसको धीरे-धीरे सीधा कर दिया जाता है। पानी के तेज वेग और पिलरों के नीचे की सतह में बदलाव से ऐसा हो सकता है। इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। इससे पुल की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि झुके हुए तीनों पिलरों के ऊपर जल्द ही सब स्ट्रक्चर और सुपर स्ट्रक्चर का काम होगा।
समानांतर पुल बनने से कम होगा विक्रमशिला सेतु का दबाव
पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल को जोड़ने वाली करीब 26 वर्ष पुराने विक्रमशिला सेतु पर इस समय रोजाना करीब 35 से 40 हजार छोटे-बड़े वाहन आवाजाही कर रहे हैं। मरम्मत के अभाव के कारण विक्रमशिला सेतु की स्थिति भी काफी जर्जर हो गई है। इसके समानांतर बन रहे चार लेन पुल के निर्माण के बाद विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक का लोड काफी कम हो जाएगा। साथ ही एनएच 31 और एनएच 80 के बीच यातायात सुगम होगा।
विक्रमशिला सेतु हो रहा जर्जर
बता दें कि 26 वर्ष पुराने विक्रमशिला सेतु की की सड़क, रेलिंग, एक्सपेंशन ज्वाइंट टूट-फूट गई है। साथ ही पिलर की सतह पर बने प्रोटेक्शन वाल भी धराशायी हो गया है। बावजूद पुल निर्माण निगम पुल की स्थिति को लेकर संवेदनशील नहीं है। कई वर्षों से सेतु की मरम्मत नहीं हुई है।
पुल निर्माण निगम के अभियंताओं का एक दल शुक्रवार को विक्रमशिला सेतु के निरीक्षण को पहुंचा। निरीक्षण के बाद पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता ज्ञान चंद्र दास ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के स्ट्रक्चर में किसी प्रकार का कोई डिफॉल्ट नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि काम करने के दौरान पानी का दबाव कम करने के लिए फॉल्स दीवार बनाया जाता है। पुल निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद उस फॉल्स दीवार को तोड़कर हटा दिया जाना था। किसी कारण बस उन दीवारों उस समय नहीं तोड़ा जा सका। जो दीवार खराब हो गया है। उसे तोड़कर हटा दिया जाएगा।
(रिपोर्ट- गौतम वेदपाणि)
(फोटो साभार- नीरज)




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