कल बोलेंगे कपड़ा मत पहनिए; पीएम मोदी की तेल बचाओ अपील पर तेजस्वी ने नोटबंदी की याद दिलाई
तेजस्वी यादव ने कहा कि कल को पीएम कहेंगे कि कपड़े मत पहनो। पेट्रोल, डीजल की कमी को दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है।
Tejaswi Yadav: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण विश्व भर में पेट्रोलियम पदार्थों की क्राइसिस उत्पन्न हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनों से तेल बचाने की अपील की है। पीएम की अपील का असर भी दिखने लगा है पर इसे लेकर राजनीति भी जोरों पर है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कल को कपड़ा नहीं पहनने के लिए कहें। नोटबंदी कराए थे क्या हुआ। तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी और एनडीए सरकार के पास कोई ठोस विजन नहीं है।
पटना में सिविल कोर्ट पहुंचे तेजस्वी यादव ने मीडिया कर्मियों से बात की। पत्रकारों ने उनसे गाड़ी कम इस्तेमाल करने की मोदी की अपील पर सवाल पूछा। उन्होंने झट से जवाब दिया कि कल को कहेंगे कि कपड़ा मत पहनिए। सरकार और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है कि जनता की समस्याओं का समाधान करें। अगर पेट्रोल, डीजल कम है तो इसकी व्यवस्था करना सरकार का ही काम है। उन्होंने पहले भी नोटबंदी कराया लेकिन, उसका कोई फायदा नहीं हुआ। कई लोग बेरोजगार हो गए। छोटे और मझोले स्तर की कंपनियां बंद हो गईं। मोदी जी मुद्दे की बात नहीं करेंगे। लोगों का ध्यान भटकाने वाली बात करते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है। डीजल, पेट्रोल की कमी को लेकर सरकार को पहले से ही तैयारी करनाा चाहिए था। तेल की व्यवस्था हम और आप नहीं कर सकते हैं। यह काम सरकार को ही करना है। लेकिन, केंद्र सरकार को इसकी चिंता पहले से थी ही नहीं। अब स्थिति खराब हो गई है तो पीएम अपील कर रहे हैं।
हालांकि, प्रधानमंत्री की अपील का असर दिखने लगा है। गुरुवार को बांका में न्यायिक पदाधिकारी साइकिल पर सवार होकर कोर्ट पहुंचे। जिला जज सत्यभूषण आर्य ने कहा कि वर्तमान समय में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्यूल संकट की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने स्तर से ईंधन की बचत करे और देशहित में योगदान दे। उन्होंने कहा कि यदि भारत आज से ही स्वावलंबन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाता है, तो भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट का सामना मजबूती से कर सकेगा। साइकिल यात्रा के माध्यम से न्यायिक पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और स्वस्थ जीवनशैली का भी संदेश दिया। केंद्र से लेकर राज्य तक मंत्रियों के काफिले में भी गाड़ियों की संख्या कम कर दी गयी है।




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