दो दिन की यात्रा में हवा निकली; निशांत के मंत्री बनने की अटकल पर RJD का तंज; नीतीश के अवसान का अंतिम अनुष्ठान- रोहिणी
Nishant Kumar JDU: जेडीयू अध्यक्ष और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सम्राट चौधरी कैबिनेट में मंत्री बनने की अटकलों पर राजद ने चुटकी ली है और कहा कि दो दिन की लग्जरी यात्रा में ही हवा निकल गई।
Nishant Kumar JDU: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सीएम सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनने की अटकलों पर तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने चुटकी ली है और कहा कि दो दिन की लग्जरी यात्रा में ही निशांत की हवा निकल गई। 12 बजे गांधी मैदान में सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार हो रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे से बनने वाले मंत्रियों में कल दोपहर से निशांत कुमार का नाम चल रहा है। निशांत ने सरकार गठन के समय कथित तौर पर यह कहकर उप-मुख्यमंत्री का पद ठुकराया था कि पहले वो बिहार की यात्रा करेंगे और किसी सदन का सदस्य बनने के बाद ही सरकार में मंत्री या डिप्टी सीएम जैसा कोई पद लेंगे। 3 मई को चंपारण से बिहार यात्रा पर निकले निशांत को जदयू के नेता तब से मना रहे थे और अब कहा जा रहा है कि वो मान गए हैं।
कुछ समय पहले तक राजद नेता तेजस्वी यादव जेडीयू को टारगेट करते हुए कहा करते थे कि भूंजा पार्टी वाले निशांत को राजनीति में नहीं आने दे रहे हैं। अब जब निशांत औपचारिक रूप से जेडीयू के सदस्य बनने के बाद बतौर मंत्री सरकार में शामिल होने जा रहे हैं तो उनकी पार्टी सोशल मीडिया के जरिए निशांत और उनके बहाने नीतीश कुमार पर तंज कस रही है। राजद ने एक्स पर एक पोस्टर के जरिए कहा है कि जब पिता (नीतीश) ही पिछले दरवाजे से सत्ता सुख भोगते रहे तो बेटा (निशांत) कैसे जनता का सामना कर पाते। राजद ने लिखा है कि निशांत को दो दिन की लग्जरी यात्रा के बाद ज्ञान की प्राप्ति हुई है कि मंत्री बनने में ही भलाई है। पहले चर्चा हुई थी कि निशांत की टीम बन रहे एक-दो युवा विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन अब खुद उनके ही मंत्री बनने की बात आ रही है।
राजद ने एक्स पर ट्वीट में लिखा है- ‘पिता ने आजीवन परिवारवाद पर लेक्चर देने के बाद अपने बेटे को राजनीति में सेटल करने की शर्त पर ही कुर्सी छोड़ी! परिवारवादी बेटे ने भी 2 ही दिन में लग्ज़री यात्रा छोड़, कार्यकर्ताओं को मुंह चिढ़ाते हुए, पलटी मारते हुए, पिछले दरवाजे से मंत्री बनने का कार्यकर्ता-विरोधी विकल्प ही चुना! जिसमें पलटी मारना ही हो नीति, वही रही सदैव कुर्सी कुमार की राजनीति!’
दो दशक तक बिहार में एनडीए और महागठबंधन की सरकार चलाने के बाद नीतीश कुमार ने बीते राज्यसभा चुनाव में संसद के ऊपर सदन जाने का फैसला कर लिया था। विधानसभा चुनाव के वक्त से ही इस बात की चर्चा थी कि नीतीश जल्द ही भाजपा के मुख्यमंत्री के लिए पद छोड़ देंगे। सम्राट ने नीतीश के भरोसे और भाजपा की पसंद से नई सरकार की कमान संभाली। पिछले 21 दिन से राज्य में सम्राट के अलावा डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ही सरकार थे। आज कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 30-32 तक जा सकती है। सरकार में अब सीएम, डिप्टी सीएम समेत भाजपा और जदयू के 16-16, लोजपा-आर के 2, हम और रालोमो के 1-1 मंत्री बन सकते हैं। भाजपा और जदयू अपने कोटे में 1-2 पद खाली रखेगी। विपक्ष के विधायकों को रिझाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टियां कैबिनेट में इस तरह से जगह बनाकर रखती है।
रोहिणी ने नीतीश को लपेटा, कहा- चाचा के अवसान का अंतिम अनुष्ठान
राजद नेता रोहिणी आचार्या ने भी निशांत कुमार के मंत्री बनने की अटकलों पर सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार को नीतीश कुमार के राजनीतिक अवसान का अंतिम अनुष्ठान बताया है। लालू यादव की बेटी रोहिणी ने लिखा- ‘आज गांधी मैदान में होने जा रहा चाचा के राजनीतिक अवसान का अंतिम अनुष्ठान। आज पटना के गांधी मैदान में हमारे चाचा नीतीश कुमार के राजनीतिक अवसान के उपरांत होने वाले कर्मकांड- क्रिया-कर्म का अंतिम अनुष्ठान मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए किए जा रहे शपथ ग्रहण समारोह के रूप में संपन्न होने जा रहा है। बड़े जलसे की तैयारी है। इसमें दिल्ली से तमाम "वैसे लोग" भी आ रहे हैं, जिन्होंने चाचा को जबरन राजनीतिक तौर पर निर्जीव ही बना दिया। दुःख की बात है कि अपने ही राजनीतिक अवसान की पूर्णाहूति में शामिल होना बेचारे चाचा की मजबूरी है और इससे भी ज्यादा दुखद बात जो सुनने में आ रही है वो ये है कि "परिवारवाद पर दिए गए अपने ही अनर्गल प्रवचनों को भूल कर चाचा अपने लाडले को भी अपनी राजनीतिक पूर्णाहूति के इस अनुष्ठान के माध्यम से "यजमान" के रूप में शपथ दिलाने जा रहे हैं।’




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