हमारी मां हमारे लिए सम्मान का विषय.., राबड़ी देवी के बंगले को लेकर सीएम की टिप्पणी पर क्या बोले तेज प्रताप
सीएम सम्राट चौधरी की टिप्पणी के बाद तेज प्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, ‘मैं यही कहना चाहता हूँ कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।'

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास पर घमाासान मचा हुआ है। राबड़ी देवी ने एक तरफ जहां इस बंगले को खाली नहीं करने का ऐलान कर दिया है तो वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसपर दो टूक कहा है कि सरकारी घर किसी की बपौती नहीं है। इसे खाली होने से कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। अब इस पूरे विवाद पर राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है। तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की है और कहा है कि किसी पर भी टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना जरुरी है।
तेज प्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, ‘मैं यही कहना चाहता हूँ कि राज्य के नेताओं को, विशेषकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है।’
सीएम सम्राट चौधरी ने क्या कहा
आपको बताा दें कि मंगलवार को मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के आवास पर अपनी टिप्पणी की थी। सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा था कि सरकार की संपत्ति किसी की बपौती नहीं होती है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नाम लिये बगैर कहा कि कुछ लोगों को चिंता रहती है कि हमारा घर बचा रहे। बेटा और माता को सिर्फ अपने आवास की चिंता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्या से इन्हें कोई मतलब नहीं है। मां, पिता और बेटा को अलग-अलग आवास और सुरक्षा चाहिए। यह राजतंत्र थोड़े ही है कि आपको जो घर मिला, उसमें हमेशा रहिएगा। लोकतंत्र है और नियम का पालन सबको करना होगा। आवास तो खाली करना ही होगा। कोई माई का लाल इस रोक नहीं सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सरकारी आवास को खाली कर एक मई को दूसरे घर में चले गये। यह है शुचिता का परिचय। मैं अभी जिस घर में रहता हूं, यह 11वां सरकारी आवास है। इनमें मैं तीन में ही रहा, बाकी का उपयोग सरकारी कार्यालय के रूप में किया। आज हमारी पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम समाप्त हुआ तो 24 घंटे के अंदर झोला उठाकर अपने निजी आवास में चला जाऊंगा। हम अपने कल्याण के लिए नहीं आये हैं। यही कारण है कि हमने अपने सरकारी आवास पर लोक सेवक आवास लिखवा दिया है। गौर हो कि भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को सरकारी आवास दस, सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस दे रखा है।




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