svu suspecting foreign funding for bihar executive manoj kumar rajak also invest in real estate बिहार के धनकुबेर इंजीनियर को विदेशी फंडिंग का शक, रियल स्टेट में भी बड़े निवेश का खुलासा, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार के धनकुबेर इंजीनियर को विदेशी फंडिंग का शक, रियल स्टेट में भी बड़े निवेश का खुलासा

सरकारी कर्मी होने के बावजूद कार्यपालक अभियंता के नेपाल में निवेश को देखते हुए उनके विरुद्ध दर्ज केस में जांच का दायरा बढ़ सकता है। ईओयू ने कांड में विदेशी फंडिंग के एंगल से भी जांच की संभावना जताई है।

Thu, 19 March 2026 06:08 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share
बिहार के धनकुबेर इंजीनियर को विदेशी फंडिंग का शक, रियल स्टेट में भी बड़े निवेश का खुलासा

मधुबनी के जयनगर में पदस्थापित विद्युत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक ने अपने सेवा काल के दौरान रियल एस्टेट क्षेत्र में भी काफी निवेश किया है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को जांच के दौरान उनकी काली कमाई के रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश से संबंधित कई प्रमाण मिले हैं, जिनकी छानबीन अब भी चल रही है।

जांच में पता चला है कि मनोज कुमार रजक ने वर्ष 2009 में ऊर्जा विभाग में सहायक अभियंता पद पर योगदान किया था। बीते 17 वर्षों में उनकी अधिकतर पोस्टिंग सीमांचल के अररिया, कटिहार, दरभंगा, मधुबनी आदि जिले में ही रही। सीमांचल के जिलों में उनके द्वारा एनएच किनारे कई जमीन खरीदे जाने और व्यावसायिक दृष्टिकोण से गोदाम आदि बनाये जाने की भी जानकारी मिली है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क के लिए इंतजार बढ़ा, अब मानसून बाद होगा निर्माण

अररिया में जमीन खरीदी, दरभंगा-सुपौल में आवासीय मकान बनाया

ईओयू ने बताया कि अररिया में पदस्थापन के दौरान मनोज कुमार रजक ने दो आवासीय भूखंड खरीदे। वहीं, दरभंगा में रहने के दौरान सदर थाना के भेलुचक मोहल्ले में भूखंड खरीद कर दो तल्ला आलीशान भवन बनाया। इसका गृह प्रवेश कुछ महीने पहले ही किया गया है। दरभंगा शहर में दो अन्य प्लॉट की भी खरीद की गयी है। सुपौल के करजाईन थाने के अपने पैतृक गांव में एचपी गैस की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ली। एजेंसी के लिए बाजार में भूखंड खरीद, उसकी घेराबंदी कर गोदाम और ऑफिस का निर्माण कराया गया है।

इसके आसपास ही उन्होंने आवासीय प्लॉट लेकर मकान का भी निर्माण कराया है। जांच में पता चला है कि सरकारी सेवा में आने से पहले कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक की आर्थिक स्थिति कुछ खास नहीं थी। अपनी इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए उनके नाम पर लिए गये 85 हजार रुपये के ऋण का भुगतान भी उन्होंने खुद सरकारी सेवा में आने के बाद किया। एफआईआर में उनके विरुद्ध वैध आय से 1.20 करोड़ अधिक की परिसंपत्तियां अर्जित किए जाने की जानकारी दी गयी थी, लेकिन छानबीन पूरी होने के बाद इससे कई गुना अधिक संपत्ति का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पटना के होटल में सिलेंडर जांच करने पहुंची पुलिस, सेक्स रैकेट पकड़ाया; हड़कंप
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दार्जिलिंग में चाय बगान, नेपाल में महिला मित्र को मकान;बिहार का धनकुबेर इंजीनियर

विदेशी फंडिंग के एंगल से भी जांच कर सकती हैं एजेंसियां

सरकारी कर्मी होने के बावजूद कार्यपालक अभियंता के नेपाल में निवेश को देखते हुए उनके विरुद्ध दर्ज केस में जांच का दायरा बढ़ सकता है। ईओयू ने कांड में विदेशी फंडिंग के एंगल से भी जांच की संभावना जताई है। सरकारी सेवक रहते बिना अनुमति विदेश जाने और वहां पर रिश्तेदारी और संपत्ति बनाने का मामला संवेदनशील है।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।