Supreme Court Bihar voter list revision SIR voter friendly on ECI 11 documents options पहले 7 पेपर थे, अब तो 11 में कोई एक कागज मांगे रहे; सुप्रीम कोर्ट ने बिहार SIR को वोटर फ्रेंडली माना, Bihar Hindi News - Hindustan
More

पहले 7 पेपर थे, अब तो 11 में कोई एक कागज मांगे रहे; सुप्रीम कोर्ट ने बिहार SIR को वोटर फ्रेंडली माना

बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि पहले रिवीजन में 7 दस्तावेज ही थे, लेकिन अब 11 डॉक्यूमेंट्स का विकल्प है। यह प्रक्रिया मतदाता हितैषी लगती है।

Wed, 13 Aug 2025 02:53 PMपीटीआई नई दिल्ली
share
पहले 7 पेपर थे, अब तो 11 में कोई एक कागज मांगे रहे; सुप्रीम कोर्ट ने बिहार SIR को वोटर फ्रेंडली माना

बिहार में चल रहे चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता हितैषी बताया है। वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने बुधवार को यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि पूर्व में हुए संक्षिप्त पुनरीक्षण में 7 दस्तावेज मान्य थे, मगर अभी के विशेष गहन पुनरीक्षण में 11 दस्तावेजों का विकल्प मतदाताओं को दिया गया है। इससे लगता है कि यह मतदाता के हित में है।

सुप्रीम कोर्ट में 24 जून के फैसले के चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर में चुनाव आयोग द्वारा आधार कार्ड को स्वीकार नहीं करने पर सवाल उठाए हैं। इस पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग ने आधार के अलावा भी बड़ी संख्या में दस्तावेज का विकल्प दिया है, जो समावेशी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मैं जिंदा हूं मीलॉर्ड.., SIR में मरा बता नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा युवक

शीर्ष अदालत ने कहा कि मतदाताओं को लिस्ट में शामिल 11 दस्तावेजों में से कोई एक जमा करना अनिवार्य है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने इससे असहमति जताई और कहा कि दस्तावेजों की संख्या भले ही ज्यादा हो, लेकिन उनका कवरेज सबसे कम है। उन्होंने पासपोर्ट का उदाहरण दिया और कहा कि बिहार में यह केवल एक से दो प्रतिशत लोगों के पास ही यह दस्तावेज है। राज्य में स्थायी निवासी प्रमाण पत्र देने का कोई प्रावधान नहीं है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बिहार को ऐसे मत प्रोजेक्ट कीजिए; भावी CJI ने SIR पर सुनवाई के बीच सिंघवी को टोका

इस पर बेंच ने कहा कि राज्य में 36 लाख लोगों के पास पासपोर्ट है, तो इसका कवरेज ठीक है। जस्टिस बागची ने कहा कि अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों से फीडबैक लेने के बाद आमतौर पर दस्तावेजों की सूची तैयार की जाती है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:एसआईआर में ‘No आधार’ पर चुनाव आयोग सही, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान शीर्ष अदालत ने कहा था कि मतदाता सूची में नागरिकों या गैर-नागरिकों को शामिल करना या बाहर करना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में है। बिहार में एसआईआर में आधार और वोटर आईडी कार्ड को नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं करने के आयोग के रुख का समर्थन किया था।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।