सुपौल : आधी रात में आंधी के साथ बारिश व गरजे बादल
सुपौल में मौसम में अचानक बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। आधी रात को तेज आंधी और बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई, लेकिन सुबह फिर से गर्मी बढ़ गई। बारिश ने बिजली आपूर्ति को प्रभावित किया और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में बुधवार की आधी रात अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। दिनभर धूप-छांव और उमस भरी गर्मी के बाद देर रात तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक हुई बारिश और तेज हवा से मौसम पूरी तरह बदल गया। बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे गांवों में रातभर अंधेरा पसरा रहा।
सुबह का मौसम
गुरुवार सुबह मौसम साफ हुआ और धूप निकलने के साथ तापमान में फिर बढ़ोतरी महसूस की गई। सांख्यिकी विभाग के अनुसार जिले में देर रात करीब 15.93 एमएम औसत बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और ठंडी हवा के कारण रात के तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि गुरुवार सुबह से चटकदार धूप पिकलने की वजह से अधिकतम तापमान फिर से बढ़ गया। लेकिन दोपहर चढ़ते ही फिर गर्मी और उमस बढ़ने लगी। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे नहीं रहने की सलाह दी है। गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बिजली आपूर्ति पर असर
हालांकि बारिश के बाद सुबह वातावरण में नमी बढ़ने से उमस भी महसूस की गई। तेज हवा और बारिश का असर जिले की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। कई जगहों पर पेड़ और डालियां टूटकर बिजली तारों पर गिर गईं, जिससे आपूर्ति बाधित हो गई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक देर रात बिजली गुल रही। कई गांवों में लोग पूरी रात अंधेरे में रहे। बिजली विभाग की टीम गुरुवार सुबह से लाइन दुरुस्त करने में जुटी रही।
किसानों पर असर
लगातार बदल रहे मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। तेज हवा और बारिश से आम और लीची के बगीचों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई जगहों पर पेड़ों से कच्चे आम और लीची टूटकर गिर गए। इसके अलावा खेतों में लगी मूंग और गरमा फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि इस समय मूंग की फसल तैयार हो रही है और तेज हवा के कारण फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है। खेतों में पानी जमा होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
कृषि वैज्ञानिकों की राय
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम का असर खेती पर साफ दिख रहा है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहा तो फसलों को व्यापक नुकसान हो सकता है। किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसके सुमन ने बताया कि जिले में फिलहाल पुरवा हवा का प्रभाव बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवा आने के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से आंधी और बारिश की स्थिति बन रही है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक जिले में आंधी, गरज और बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 12 मई तक जिले में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
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