देश का 22वां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा सुल्तानगंज, निदेशालय ने भागलपुर डीएम से मांगे कागज
प्रस्तावित सुल्तानगंज हवाई अड्डा देश का 22वां और बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट होगा। वायुयान संगठन निदेशालय ने इस एयरपोर्ट की साइट क्लियरेंस के लिए जरूरी दस्तावेज भागलपुर डीएम से मांगे हैं।

बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में प्रस्तावित हवाई अड्डा देश का 22वां और राज्य का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट कहलाएगा। अभी देश में 21 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हैं, इनमें सिर्फ 12 पर ही विमानों का परिचालन शुरू हो पाया है। शेष एयरपोर्ट के निर्माण के लिए तैयारियां जारी हैं। सुल्तानगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर वायुयान संगठन निदेशालय ने साइट क्लियरेंस आवेदन के लिए तैयारी शुरू कर दी है। निदेशक डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने भागलपुर के डीएम को पत्र भेजकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
निदेशालय ने डीएम से चार बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इनमें सर्वे ऑफ इंडिया 1:50000 स्केल का टोपोग्राफी मैप देने को कहा गया है। इस मैप में प्रस्तावित एयरपोर्ट साइट के 30 किलोमीटर की परिधि का कंटूर भी बताना है। कंटूर सर्वे और फ्लड एसेसमेंट, विंड रोज डायग्राम और जमीन संबंधित डाटा से जुड़े साइट क्लियरेंस फॉर्म देने को कहा है।
क्या होता है कंटूर सर्वे?
जानकारों ने बताया कि कंटूर सर्वे एक प्रकार का भूमि सर्वेक्षण है, जो किसी भूभाग की ऊंचाई और ढलान को दर्शाने वाला एक विस्तृत नक्शा (कंटूर मैप) तैयार करता है। इसमें समान ऊंचाई वाले बिंदुओं को मिलाने वाली रेखाओं (कंटूर लाइन्स) का उपयोग किया जाता है। यह इंजीनियरिंग, निर्माण और जल प्रबंधन (जैसे पानी के बहाव की दिशा और जमाव बिंदु) के लिए महत्वपूर्ण होता है, ताकि भूमि की टोपोग्राफी को समझा जा सके और साइट पर निर्माण कार्यों की योजना बनाई जा सके।
कंटूर सर्वे भूमि की टोपोग्राफी समझने में मदद करता है। यह बताता है कि जमीन समतल है, ढलान वाली है या ऊबड़-खाबड़ है। इस सर्वे से जल प्रबंधन की जानकारी भी मिलती है। यह बारिश के पानी के बहाव, जमाव और मिट्टी के कटाव को समझने में मदद करता है। जिससे ड्रेनेज सिस्टम और सिल्ट ट्रैप डिजाइन किए जा सकते हैं। एयरपोर्ट निर्माण योजना के लिए सिविल इंजीनियर और आर्किटेक्ट नींव डालने, सड़कें बनाने, इमारतें बनाने और वनस्पति संरक्षण के लिए इसका उपयोग करते हैं।
क्या होता है ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
अगर किसी नई जमीन पर नए सिरे से हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है, तो उसे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट कहा जाता है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का मतलब ऐसे हवाई अड्डे से है जिसे बिल्कुल शून्य से किसी ऐसी जमीन पर विकसित किया जाता है, जहां पहले से कोई निर्माण या बुनियादी ढांचा मौजूद ना हो। इसमें रनवे से लेकर टर्मिल बिल्डिंग तक सब कुछ जरूरत और आधुनिक तकनीक के हिसाब से नए ससिरे सिरे से डिजाइन किया जाता है। इसके विपरीत, अगर किसी पुराने हवाई अड्डे का विस्तार या नवीनीकरण करके उसे फिर से चालू किया जाता है तो उसे ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट कहा जाता है।
अभी देश में कहां हैं ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
- दुर्गापुर, शिर्डी, कन्नूर, पक्योंग, कलबुर्गी, करनूल, सिंधुदुर्ग, कुशीनगर, हालोन्गी, मोपा, शिवमोगा, राजकोट (ये 12 चालू हैं)
- नवी मुंबई, जेवर, विजयपुरा, हासन, धोलेरा, डबरा, कराइकल, दगादर्थी और भोगलपुरम (ये 9 प्रक्रियाधीन हैं)।




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