बिहार के इस जिले में फ्लाइट नहीं उड़ाना चाहतीं कंपनियां, एयरपोर्ट बनाने से सरकार का इनकार
बिहार में राज्य सरकार के सहयोग से केंद्र कई शहरों में नए हवाई अड्डे विकसित करने की योजना बना रहा है। हालांकि, जमुई जिले में विमान सेवा नहीं शुरू हो पाएगी। केंद्र सरकार ने यहां एयरपोर्ट बनाने से इनकार कर दिया है।

बिहार में हवाई सेवा का विस्तार करते हुए कई शहरों में एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। इस बीच, नक्सल प्रभावित रहे जमुई जिले के लोगों की हवाई यात्रा के सपनों को झटका लगा है। दरअसल, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जमुई में एयरपोर्ट चालू करने से इनकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि इस जिले में विमानन कंपनियां फ्लाइट शुरू करने की इच्छुक नहीं हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जमुई से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती के एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारप्पू राममोहन नायडू ने लोकसभा में बुधवार को लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी निजी विमानन कंपनी ने जमुई जिले में हवाई सेवा शुरू करने के लिए उड़ान योजना के तहत मांग आधारित प्रस्ताव (डिमांड असेस्ड प्रपोजल) जमा नहीं किया है।
उन्होंने कहा, "बिहार सरकार ने उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना में शामिल करने के लिए जमुई जिले में किसी भी हवाई पट्टी होने के संकेत नहीं दिए हैं। जमुई में कोई भी हवाई पट्टी फिलहाल सक्रिय रूप से मौजूद नहीं है और उड़ान योजना की संभावित सूची में शामिल नहीं की गई है।"
बता दें कि जमुई में एक पुराना हवाई अड्डा मौजूद है, लेकिन वह दशकों से निष्क्रिय है और अतिक्रमण की भेंट चढ़ा हुआ है। जिला प्रशासन ने पिछले साल हवाई अड्डा परिसर से अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू की थी। जिससे स्थानीय लोगों में जमुई से फ्लाइट शुरू होने की उम्मीद जगी थी।
बता दें कि बिहार में आगामी कुछ वर्षों में 15 एयरपोर्ट चालू करने की योजना है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इनपर काम किया जा रहा है। पटना, गयाजी और दरभंगा के बाद इसी साल पूर्णिया में एयरपोर्ट चालू किया गया। बिहटा एयरपोर्ट का काम चल रहा है। इसके अलावा, सुल्तानगंज, मुजफ्फरपुर, रक्सौल, वीरपुर समेत अन्य शहरों में भी छोटे-बड़े हवाई अड्डे विकसित करने की योजनाओं पर काम शुरू हो गया है।




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