samrat choudhary government give big relief to small shopkeepers end old shop act बिहार के छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत, 10 से कम कर्मी रखने पर नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन, पुराना शॉप ऐक्ट खत्म, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार के छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत, 10 से कम कर्मी रखने पर नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन, पुराना शॉप ऐक्ट खत्म

पुराने शॉप एक्ट के अनुसार दुकान-प्रतिष्ठान संचालकों को एक-दो कर्मी रखने पर भी निबंधन कराना पड़ रहा था। यही नहीं, दुकान संचालकों को एक ही व्यवसाय के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा था।

Tue, 2 June 2026 08:20 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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बिहार के छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत, 10 से कम कर्मी रखने पर नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन, पुराना शॉप ऐक्ट खत्म

बिहार में सम्राट चौधरी सरकार ने छोटे व्यवसायियों को बड़ी राहत दी है। दस से कम कर्मी वाले दुकान-प्रतिष्ठानों को अब निबंधन कराने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार ने शॉप एक्ट (बिहार दुकान और प्रतिष्ठान-रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) अधिनियम 2025 को समाप्त कर दिया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सय्यद अता हसनैन की सहमति के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब नए लेबर कोड में दस या इससे अधिक कर्मी रखने पर ही दुकान-प्रतिष्ठानों को निबंधन कराने की जरूरत होगी। हालांकि नए लेबर कोड के तहत अब न केवल शहरी इलाके बल्कि गांवों में भी 10 या इससे अधिक कर्मी रखने पर दुकान-प्रतिष्ठान संचालकों को निबंधन कराना होगा।

अधिसूचना के अनुसार बीते 28 मई को राज्यपाल ने इस अध्यादेश को मंजूर कर दिया था। इसके बाद इसकी अधिसूचना जारी की गई है। शॉप एक्ट के अनुसार दुकान-प्रतिष्ठान संचालकों को एक-दो कर्मी रखने पर भी निबंधन कराना पड़ रहा था। यही नहीं, दुकान संचालकों को एक ही व्यवसाय के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना पड़ रहा था। अब जबकि केंद्र सरकार ने देशव्यापी लेबर कोड (उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020) बनाया है। उसके आलोक में बिहार सरकार ने पुराने शॉप एक्ट को समाप्त कर दिया है। सरकार का मानना है कि बिहार में औद्योगिक क्रियाकलापों व आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश के अवसर पैदा करने की आवश्यकता है।

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ऐसी स्थिति में अधिनियमों के अन्तर्गत दोहरे प्रावधानों के सह अस्तित्व के कारण शॉप एक्ट को समाप्त करना जरूरी था। अभी चूंकि बिहार में विधानमंडल सत्र आहूत नहीं है। इसलिए राज्यपाल ने अध्यादेश के जरिए इसकी मंजूरी दी है।

निवेश और व्यापार की राह में जटिल प्रक्रियाएं आसान बनेंगी - सीएम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि उद्योगों, निवेशकों, स्टार्टअप, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े यह सुनिश्चित किया जाएगा। इसको लेकर उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि अपने अधीन लाइसेंस निर्गत करने, अनुमति प्रदान करने और निरीक्षण आदि प्रक्रियाओं को सरल और आसान बनाने का ठोस प्रस्ताव बनायें। ताकि, निवेश और व्यापाक की राह की जटिल प्रक्रियाएं आसान बनें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका नागरिकों और उद्यमियों के लिए सुविधा प्रदान करने के लिए होनी चाहिए। अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त कर राज्य में निवेश और व्यवसाय के लिए सुगम वातावरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में अनुपालन में कमी और विनियमन में ढील (कंप्लायंस रिडक्शन एंड डिरेगुलेशन) से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और कई निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग डिजिटल माध्यमों, स्व-प्रमाणन, ऑनलाइन अनुमोदन तथा समयबद्ध सेवा वितरण की व्यवस्था को और सुदृढ़ करें। विभाग यह सुनिश्चित करे कि एक ही सूचना विभिन्न स्तरों पर बार-बार मांगने की व्यवस्था समाप्त हो।

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