सम्राट चौधरी ने 70 हजार करोड़ के यूसी बिल का ठीकरा तेजस्वी पर फोड़ा, बोले- सबका हिसाब देंगे
साल 2023-24 की सीएजी रिपोर्ट में 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित होने के मामले का ठीकरा सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार पाई-पाई का हिसाब एजी को देगी।
बिहार में नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी बिल) लंबित होने के मामले पर राजनीति पारा गर्माया हुआ है। लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने नीतीश सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया है। अब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस पर पलटवार किया है। उन्होंने इसका ठीकरा उलटे तेजस्वी पर ही फोड़ दिया है। सम्राट ने बुधवार को कहा कि जिस 70 हजार करोड़ रुपये के मामले की बात नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं, यह उन्हीं के कार्यकाल का है। उन्होंने महालेखाकार (एजी) के सामने एक-एक पाई का हिसाब देने की बात कही है।
सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को जानकारी का अभाव है। वे अपनी सरकार की ही बुराई गिना रहे हैं। वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने एक दिन पहले ही स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
सम्राट ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस और राजद पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दोनों दल नीतीश सरकार की उपलब्धियों से हताशा में हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर को राजनीति में नौसिखिआ बताया और कहा कि वे जो मामला उठा रहे हैं, उसकी जांच हो चुकी है।
दरअसल, विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में सीएजी (कैग) की रिपोर्ट पेश की थी। 2023-24 की इस रिपोर्ट में 70877 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र को लंबित दिखाया गया। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह राशि उन सरकारी योजना पर खर्च हो पाई है या नहीं जिनके लिए आवंटित हुई थी।
चुनावी साल में विपक्ष ने इसे मुद्दा बना दिया है। तेजस्वी यादव की आरजेडी नीतीश सरकार पर 70 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा रखी है। वहीं, सरकार की ओर से घोटाले की बात से इनकार किया जा रहा है। वित्त विभाग ने मंगलवार को बयान जारी कर इसे सामान्य प्रक्रिया बताया था।




साइन इन