असली IAS ने नकली आईएएस का भांडा फोड़ा, डीएम से मिलने पहुंचा फर्जी अफसर ऐसे पकड़ा गया
छपरा के डीएम वैभव श्रीवास्तव की सूझबूझ से एक फर्जी आईएएस पकड़ा गया। आरोपी खुद को यूपी कैडर का आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी अफसरों से मिलता था और उनसे काम निकलवाकर लोगों से पैसों की वसूली करता था।

बिहार के छपरा से एक रोचक मामला सामने आया है। एक युवक खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बताकर सीधे डीएम से मिलने पहुंच गया। सूट-बूट पहने शख्स ने जब खुद को उत्तर प्रदेश का कैडर का आईएएस अधिकारी बताया, तो एक बार डीएम भी नहीं समझ पाए। हालांकि, फर्जी आईएएस का भांडा फूटने में ज्यादा देर नहीं लगी। जैसे ही असली आईएएस अफसर यानी डीएम को उस पर संदेह हुआ, उन्होंने पुलिस बुलाकर उसे गिरफ्तार करवा दिया।
यह वाकया सोमवार 2 फरवरी का है। जानकारी के अनुसार, छपरा स्थित समाहरणालय में दोपहर करीब 3 बजे एक व्यक्ति पहुंचा। उसने आदेशपाल से अपना नाम रीतेश कुमार बताया। वह छपरा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बसाढ़ी गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह यूपी के मेरठ में आईएएस के पद पर तैनात है और उसे सारण के डीएम से मिलना है।
आदेशपाल ने उसे डीएम वैभव श्रीवास्तव से मिलने के लिए कार्यालय के अंदर भेजा। बातचीत के दौरान डीएम को शक हुआ तो उन्होंने रीतेश से आईडी कार्ड मांगा। शक गहराया तो डीएम ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। इस पर युवक ने स्वीकार कर लिया कि वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है और ना ही किसी सरकारी पद पर तैनात है।
काम निकलवाकर लोगों से करता था वसूली
आरोपी ने बताया कि वह धौंस दिखाने के लिए आईएएस अधिकारी बनकर जगह-जगह सरकारी कार्यालयों में जाता है और अफसरों से मिलता है। इसकी एवज में वह किसी व्यक्ति का काम करा लेता है। फिर उनसे मोटी रकम वसूलता है।
डीएम की सूचना पर छपरा नगर थाना की पुलिस ने समाहरणालय से ही शख्स को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि आरोपी फर्जी आईएएस बनकर लोगों से रुपये की वसूली का काम करता था, जो कि कानूनन अपराध है।




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