तेजस्वी के राघोपुर से वोटर लेकर दिल्ली पहुंचे संजय, राहुल गांधी बोले- मृत लोगों के साथ चाय पी ली
तेजस्वी यादव की राघोपुर विधानसभा के कुछ वोटरों से राहुल गांधी ने दिल्ली पर अपने आवास पर मुलाकात की, जिन्हें चुनाव आयोग ने कथित तौर पर मृत बताकर वोटर लिस्ट से नाम काट दिया। राहुल ने कहा कि आज उन्हें मृत लोगों के साथ चाय पीने का मौका मिला।

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर सियासत चरम पर है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राज्यसभा सांसद संजय यादव वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनिंदा वोटर को लेकर दिल्ली पहुंच गए। बताया गया कि एसआईआर में इन मतदाताओं को चुनाव आयोग ने मृत बताकर वोटर लिस्ट से हटा दिया। राघोपुर से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव विधायक हैं। इन मतदाताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर 'चाय पर चर्चा' की। राहुल ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से जारी किया है। इसमें उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज उन्होंने 'मृत लोगों' के साथ चाय पी ली।
आरजेडी सांसद संजय यादव ने इस वीडियो में बताया कि ये सभी लोग तेजस्वी की राघोपुर विधानसभा से हैं। इनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं आया है। जब इन्होंने चेक किया तो पता चला कि मृत घोषित कर दिया गया है। राघोपुर में अभी बाढ़ आई हुई है। दावा किया गया कि हर पंचायत और 3-4 बूथों पर 50 लोग ऐसे हैं, जिनका नाम कटा है।
संजय यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के बाद 65 लाख लोगों के नाम काटे हैं। इनमें 22 लाख मृत और 36 लाख लोगों को अन्य जगहों पर शिफ्ट होना बताया गया है। मगर इनकी पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
राहुल गांधी से बातचीत के दौरान एक युवक का कहना है कि वो (निर्वाचन कर्मी) हमारे घर आए थे। हमने उन्हें आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो दिया था। मगर जब लिस्ट आई तो मृत घोषित हो गया। युवक ने आरोप लगाया कि राघोपुर में तेजस्वी यादव को हराने के लिए वोटरों के नाम काटे गए हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वीडियो में कहा कि चुनाव आयोग बिहार में वोटर लिस्ट से काटे गए नामों की जानकारी नहीं देना चाहता है। अगर लिस्ट आएगी तो उनका खेल खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि वह इस प्रक्रिया को रोकेंगे और बेइमानी एवं वोट चोरी नहीं होने देंगे।
राहुल ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जीवन में बहुत दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी 'मृत लोगों' के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला था। इस अनोखे अनुभव के लिए, धन्यवाद चुनाव आयोग!"




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