प्रशांत किशोर को मानहानि केस की चेतावनी; बीजेपी ने मंगल-जायसवाल पर आरोपों के सबूत मांगे
बीजेपी नेता नीरज कुमार ने कहा है कि प्रशांत किशोर के आरोप राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं और सच्चाई से कोसों दूर हैं। वे सबूत पेश करें नहीं तो मानहानि का मुकदमा करेंगे।

जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर दिलीप जायसवाल से 25 लाख रुपए घूस लेकर दिल्ली में फ्लैट खरीदने का आरोप लगाया है। इसके अलावे एंबुलेंस खरीद में गड़बड़ी और दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को रिश्वत लेकर डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने का भी आरोप लगाया है। प्रशांत किशोर के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। आरोपों पर सबूत की मांग करते हुए प्रशांत किशोर को मानहानि के केस करने की चेतावनी दी गई है।
पार्टी के प्रवक्ता(प्रेस पैनलिस्ट) बयान चारी करके कहा है कि प्रशांत किशोर खुद राजनीतिक महत्वाकांक्षा से प्रेरित होकर जन सुराज पार्टी चला रहे हैं और आगामी चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बिहार की स्थिर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आज एक बार फिर भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे जी पर आधारहीन आरोप लगाए हैं। ये आरोप पूरी तरह से राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित हैं और सच्चाई से कोसों दूर हैं। हम इनका पुरजोर खंडन करते हैं।
सबूत दें नहीं तो मानहानि केस करेंगे
नीरज कुमार ने कहा है कि मंगल पांडे के परिवार द्वारा दिल्ली में खरीदा गया फ्लैट पूरी तरह से पारदर्शी और वैध तरीके से खरीदा गया है। यह उनके पिता अवधेश पांडे द्वारा अपनी बहू को दिए गए पारिवारिक धन से हुआ है, जो चुनावी हलफनामे में उचित रूप से घोषित है। दिलीप जायसवाल जी से किसी भी प्रकार की घूस या अनुचित सहायता का कोई सवाल ही नहीं उठता। यह आरोप बिना किसी प्रमाण के फैलाया जा रहा है। प्रशांत किशोर इसका कोई ठोस सबूत दें नहीं तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
पारदर्शी टेंडर से एंबुलेंस की खरीद
नीरज ने कहा कि फरवरी 2022 में जारी टेंडर पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ था। 466 एम्बुलेंस की खरीद टाइप सी के लिए की गई, और कीमतें बाजार दरों के अनुरूप हैं। फोर्स मोटर्स से खरीदे गए एम्बुलेंस की दर 28 लाख रुपये प्रति यूनिट है, जो उन्नत सुविधाओं और स्पेसिफिकेशन्स को ध्यान में रखते हुए तय की गई है। टाटा मोटर्स को तकनीकी आधार पर बाहर किया गया क्योंकि वे निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। यूपी और ओडिशा से बिहार की तुलना गलत है, क्योंकि बिहार में एम्बुलेंस में अतिरिक्त जीवन रक्षक उपकरण शामिल हैं। यह कोई घोटाला नहीं, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का कदम है। सीएजी या किसी जांच एजेंसी से कोई अनियमितता की रिपोर्ट नहीं आई है।
यूजीसी ने दिया डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा
उन्होंने कहा कि दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा योग्यता और निर्धारित मानदंडों पर आधारित है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और यूजीसी द्वारा यह फैसला लिया गया। इसमें किसी मंत्री की व्यक्तिगत भूमिका या कोई लेना-देना नहीं। आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी अस्पतालों को समान अवसर मिलते हैं, और किसी विशेष कॉलेज को फायदा पहुंचाने का आरोप झूठा है। मंगल पांडे जी के पीएस का पद भी नियमों के अनुसार है। कोई अनियमितता नहीं हुई।
बिहार की प्रगति से जलते हैं
नीरज कुमार ने यह भी कहा है कि प्रशांत किशोर बिहार की प्रगति से जलते हैं। मंगल पांडे जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने कोविड महामारी के दौरान लाखों लोगों की जान बचाई, हजारों अस्पतालों का विस्तार किया, और आयुष्मान योजना के तहत करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज दिया गया। वे खुद पहले विभिन्न पार्टियों के लिए काम कर चुके हैं, लेकिन अब चुनावी हार से डरकर ऐसे फर्जी आरोप लगा रहे हैं। भाजपा सच्चाई के साथ खड़ी है, और हम जनता से अपील करते हैं कि ऐसे राजनीतिक स्टंट पर ध्यान न दें। अगर प्रशांत किशोर के पास कोई सबूत है, तो वे जांच एजेंसियों के पास जाएं, न कि मीडिया में झूठ फैलाएं। बिहार की जनता समझदार है और विकास के साथ है।




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