19 लाख की गाड़ी, 27 लाख की हो गई; प्रशांत किशोर का दावा- बिहार में एंबुलेंस खरीद घोटाला
प्रशांत किशोर ने बिहार में एंबुलेंस खरीद घोटाला का दावा किया है। नीतीश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर साढ़े 19 लाख की एंबुलेंस को 3 साल बाद 7 लाख ज्यादा दाम में खरीदने का आरोप पीके ने लगाया है।
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में एंबुलेंस खरीद घोटाला का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने 7 लाख रुपये अधिक कीमत पर एंबुलेंस की खरीद की है। पीके ने दावा किया कि 3 साल पहले राज्य सरकार ने 466 टाइप-सी एंबुलेंस साढ़े 19 लाख रुपये में खरीदी थी। वहीं, इस साल इसी तरह की एंबुलेंस को साढ़े 27 लाख रुपये में खरीदा गया। इस कीमत पर कुल 222 एंबुलेंस सरकार ने खरीदी हैं। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर घोटाले का आरोप लगाया।
प्रशांत किशोर ने गुरुवार को पटना में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एंबुलेंस घोटाले के गंभीर आरोप लगाए। पीके ने कहा कि फरवरी 2022 में बिहार सरकार ने एक हजार एंबुलेंस का टेंडर जारी किया था। यह लगभग 200 करोड़ रुपये का टेंडर था। इसमें कहा गया कि 466 एंबुलेंस टाइप सी और बाकी 534 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट वाली होंगी। इनमें 466 टाइप सी एंबुलेंस लगभग 19.58 लाख रुपये प्रति एंबुलेंस की दर से खरीदी गई थी।
पीके ने आगे कहा कि ठीक 3 साल बाद, अप्रैल 2025 में राज्य सरकार ने 222 और एंबुलेंस खरीदी गईं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के कार्यकाल में 27.47 लाख रुपये प्रति एंबुलेंस की दर पर ये गाड़ियां खरीदी गईं। उन्होंने सवाल उठाए कि महज 3 साल में एंबुलेंस के दाम 7 लाख रुपये कैसे बढ़ गए। पीके ने यह भी दावा किया कि जिस कंपनी (फोर्स मोटर्स) की एंबुलेंस की सरकार ने खरीद की है, उसकी वेबसाइट पर इसका दाम 21 लाख रुपये ही दिखा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री पर तंज कसते हुए पीके ने कहा कि बिहार में मंगल पांडेय का मंगल-काल चल रहा है। वे घर खरीद रहे हैं। अपने बीवी-बच्चों का उपाय कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने पांडेय से आरोपों पर जवाब देने की मांग की।




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