Prashant Kishor moved out of his residence in Patna shifted in a ashram in bihta प्रशांत किशोर ने छोड़ दिया पटना वाला घर, आश्रम में शिफ्ट होने पर क्या बोले, Bihar Hindi News - Hindustan
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प्रशांत किशोर ने छोड़ दिया पटना वाला घर, आश्रम में शिफ्ट होने पर क्या बोले

बिहार की नवनिर्वाचित सरकार के कार्यकाल के छह महीने पूरे होने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि कल उन्होंने अपना आवास छोड़कर पटना के बिहटा में बने जन सुराज के आश्रम में शिफ्ट कर लिया है। जब तक बिहार में बदलाव नहीं हो जाता, तब तक वे वहीं रहेंगे।

Thu, 21 May 2026 08:01 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, एक संवाददाता, लहेरियासराय, दरभंगा
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प्रशांत किशोर ने छोड़ दिया पटना वाला घर, आश्रम में शिफ्ट होने पर क्या बोले

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना स्थित अपना घर छोड़ दिया है। अब प्रशांत किशोर का नया पता पटना के बिहटा में बना एक आश्रम है। प्रशांत किशोर ने खुद इस बात का खुलासा किया है। बुधवार को प्रशांत किशोर दरभंगा पहुंचे थे। दरअसल वे बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत बिहार के तमाम जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे हर जिले में जाकर संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में वे दूसरी बार दरभंगा पहुंचे। उन्होंने लहेरियासराय स्थित पोलो ग्राउंड नेहरू स्टेडियम में जिले की सभी सांगठनिक इकाइयों के साथ बैठक की।

इस दौरान बिहार की नवनिर्वाचित सरकार के कार्यकाल के छह महीने पूरे होने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि कल उन्होंने अपना आवास छोड़कर पटना के बिहटा में बने जन सुराज के आश्रम में शिफ्ट कर लिया है। जब तक बिहार में बदलाव नहीं हो जाता, तब तक वे वहीं रहेंगे। जहां तक सरकार की बात है, तो अभी सिर्फ नेताओं का चेहरा बदला है, लेकिन बिहार की समस्याएं वहीं की वहीं बनी हुई हैं। बिहार चुनाव में जो मुख्यमंत्री का चेहरा थे, वे खुद पलायन कर गए, लेकिन पलायन की समस्या में कोई बदलाव नहीं आया।

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पीके ने कहा कि एक करोड़ नौकरी देने की बात कही गई थी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया। यहां के युवाओं और छात्रों पर लाठी चलाने की जो परिपाटी रही है, वह भी नहीं बदली। पीके ने कहा कि जन सुराज हमेशा से यह कहता रहा है कि नेताओं ने अपने बच्चों के भविष्य की चिंता पहले से कर रखी है। नेता का बेटा चाहे पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, वही आगे बढ़ेगा, जबकि बिहार के पढ़े-लिखे युवा संघर्ष करने के बावजूद बेरोजगार व मजदूर बने रहेंगे।

पीके ने कहा कि बिहार में पेपर लीक और भ्रष्टाचार तब तक नहीं रुकेगा, जब तक लोग शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर वोट नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लोग 10 हजार रुपये में वोट बेच देते हैं और बाद में पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये अधिक चुकाते हैं। मौके पर किशोर कुमार मुन्ना, प्रो. रामबली चंद्रवंशी, जितेंद्र मिश्रा, सरवर अली, ललन यादव, रत्नेश्वर ठाकुर, निर्मल मिश्रा, मुमताज अंसारी अनूप मैथिल व अन्य मौजूद थे।

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