सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही प्रशांत किशोर एक्टिव, फिर उठाने लगे पढ़ाई-डिग्री पर सवाल
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कहा कि अब वह सीएम बन गए हैं तो उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने 10वीं कहां से और कब पास की। बिहार चवा से पहले भी पीके ने सम्राट की डिग्री पर सवाल उठाए थे।

सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर फिर से उनकी पढ़ाई और डिग्री पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। पीके ने तंज भरे लहजे में सवाल करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी अब मुख्यमंत्री हैं। कम से कम अब उनको बता देना चाहिए कि उन्होंने 10वीं पास कब और कहां से की। बता दें कि प्रशांत किशोर ने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं के खिलाफ आरोपों की बरसात करते हुए मोर्चा खोला था। उस समय भी पीके ने सम्राट की डिग्री और पढ़ाई पर सवाल उठाए थे।
प्रशांत किशोर जन सुराज के बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत बुधवार को पूर्णिया पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बैकडोर से सम्राट को सीएम बनाया। बिहार की नई सरकार दिल्ली से चलेगी। इसका रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में होगा। उनकी प्राथमिकता गुजरात को चमकाने की है और वहां के फैक्ट्री मालिकों की आमदनी बढ़ाने वाली है।
पीके ने कहा, "चुनाव नीतीश कुमार के नाम पर लड़ा गया था और मुख्यमंत्री भाजपा का बना है। बिहार के लोगों के साथ धोखा हुआ है। भाजपा ने सम्राट को पिछले दरवाजे से सीएम बनाया। अब नई भाजपा है। इसलिए अब ऐसा ही चाल, चरित्र और चेहरा दिखेगा। नीतीश कुमार को 6 महीने के बाद हटाना ही था, तो जनता को ये पहले बताना चाहिए था। तब तो नारा दिया था 25 से 30, फिर से नीतीश और वोट देने के बाद दूसरे को सीएम बना रहे हैं।"
'नया चेहरा थोपा गया'
प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के बारे में ये नहीं पता कि उन्होंने कितनी पढ़ाई की है। उन पर लगे दागों पर भाजपा ने कोई सफाई नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में नया चेहरा थोपा गया है। नई भारतीय जनता पार्टी में ऐसे ही लोगों की चलती है।
बिहार की बदहाली दूर करें सम्राट- पीके
प्रशांत किशोर ने कहा कि अब बिहार की जनता देखेगी कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी किस तरह काम करते हैं। जनता से किए बड़े-बड़े वादे जैसे 1 करोड़ नौकरी देना, पलायन रोकना, हर प्रखंड में अच्छे विद्यालय बनाने की जिम्मेदारी उन पर है। उन्होंने नवनियुक्त सीएम से मांग की है कि वे तमाम बदहाली को दूर करें। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस तरीके से राज्य में नई सरकार बनी वो अलोकतांत्रिक एवं अमर्यादित है।
(पूर्णिया से हिन्दुस्तान संवाददाता के इनपुट के साथ)




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