राहुल गांधी के साथ पप्पू यादव, कन्हैया कुमार की 'नो एंट्री' पर हंगामा; NDA के निशाने पर तेजस्वी
पटना में महागठबंधन के चक्का जाम के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के रथ पर पप्पू यादव एवं कन्हैया कुमार की चढ़ने से रोके जाने पर बिहार में सियासी हंगामा मचा है। सत्ताधारी गठबंधन एनडीए ने इसे मुद्दा बनाते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को आड़े हाथों लिया है।

चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ बुधवार को पटना में हुए महागठबंधन के बिहार बंद प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को राहुल गांधी एवं तेजस्वी यादव के रथनुमा ट्रक पर चढ़ने से रोकने पर सियासी हंगामा मच गया है। भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड समेत एनडीए के विभिन्न घटक दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव को निशाने पर ले लिया है।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष को जमकर घेरा। उन्होंने कहा, “तेजस्वी को हर उस व्यक्ति से परेशानी है जो अपने व्यक्तित्व के आधार पर राजनीति करना चाहता है। पप्पू यादव ने अपनी पहचान बनाई, कन्हैया कुमार को भी देश जानता है। यह अलग बात है कि राहुल गांधी को सबसे प्रिय ये दोनों चेहरे तेजस्वी यादव को स्वीकार नहीं हैं। यह गठबंधन की गांठें हैं। ये गांठें कभी-कभी दिखती हैं। कल खुलकर सामने आ गईं। अब तेजस्वी ने कहीं न कहीं राहुल को एक तरह से ललकारा है। अगर कांग्रेस में जरा भी नैतिक बल है, तो उसे आरजेडी से अपने रिश्ते तोड़ लेने चाहिए।”
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल और तेजस्वी को 'नवाब' करार देते हुए उन पर पप्पू यादव और कन्हैया कुमार के अनादर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “एक तरफ तथाकथित 'पप्पू' ने कांग्रेस को डूबो दिया, वहीं कल तेजस्वी यादव और कांग्रेस ने एक और पप्पू को रुला दिया।”
उन्होंने कहा कि पप्पू यादव बिहार के एक सम्मानित नेता और सांसद हैं। इस वाकये के बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह इस अपमान को सह लेंगे। पूनावाला ने आरोप लगाया कि बिहार के दो नवाबों ने पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को ट्रक पर चढ़ने से रोककर अपमान किया, साथ ही साबित किया कि सिर्फ परिवारवादी नवाब ही उस ट्रक पर चढ़ सकते थे।
हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नीतीश सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि पप्पू यादव और कन्हैया कुमार दोनों ही राहुल गांधी के बहुत नजदीक हैं। रथ पर चढ़ने की जब बात आई तो उन्हें रोक दिया गया। पप्पू यादव को धक्का भी मारा गया। सुमन ने दावा किया कि राहुल गांधी बिहार में एक क्षेत्रीय पार्टी (आरजेडी) के इशारों पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस बिहार में पिछलग्गू बनी हुई है, इस कारण यह हाल है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)




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