पटना: नाबालिग थी दरिंदगी की शिकार नीट की छात्रा, अब पॉक्सो एक्ट जोड़ेगी पुलिस
छात्रा की उम्र 18 साल से कम होने से पुलिस ने प्रथामिकी में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। धाराएं जोड़ने से पहले एसआईटी ने परिवार के लोगों से उसकी उम्र से संबंधित प्रमाणपत्र भी मांगे हैं।

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं के सामान रविवार को उन्हें मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सौंपे गए। मृत छात्रा के कमरे को छोड़ शेष 45 कमरों में रहने वाली छात्राओं के लैपटॉप, चादर, बेडशीट, बुक एवं अन्य सामग्री उन्हें दी गई। छात्राओं के साथ उनके परिजन भी थे। परिजनों का कहना था कि हॉस्टल में घटना हो गई है इसीलिए यहां रहने लायक नहीं है। ज्यादातर छात्राओं का दो फरवरी से इंटर की परीक्षा है। उनके सामान कमरों में बंद थे। इसे लेकर बीत दिनों छात्राओं ने हंगामा भी किया था। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उनके सामान सौंपा गए।
इधर, छात्रा के परिजन शनिवार को डीजीपी विनय कुमार से मिले। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने कहा कि यदि गिरफ्तार हॉस्टल मालिक मनीष रंजन से पूछताछ की जाती तो वह पूरी घटना के बारे में जानकारी देता। पुलिस ने उसे रिमांड की जगह बार-बार जहानाबाद आकर उन लोगों से ही पूछताछ कर रही है। ऐसा लगता कि मामले में परिजन ही दोषी हैं।
एफएसएल रिपोर्ट में छात्रा से दरिंदगी और कपड़ों पर वीर्य के निशान मिलने के बाद परिजनों ने एसआईटी की जांच पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता के पिता ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। उन्होंने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए व कहा कि जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि सुप्रीम या हाई कोर्ट के न्यायाधीश इसकी न्यायिक जांच करें। यह भी कहा कि जब परिजनों को घटना की सूचना मिली थी तब वे अस्पताल पहुंचे थे।
जिस महिला ने उसे अस्पताल ले गई थी, उसने बताया था कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। पुलिस इस मामले में अब तक चुप क्यों है। डीजीपी ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएंगी
छात्रा की उम्र 18 साल से कम होने से पुलिस ने प्रथामिकी में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। धाराएं जोड़ने से पहले एसआईटी ने परिवार के लोगों से उसकी उम्र से संबंधित प्रमाणपत्र भी मांगे हैं। परिजनों की ओर से मृतका का आधार कार्ड और मैट्रिक का सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया गया है। इन प्रमाणपत्रों में उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। प्रमाणपत्रों के आधार पर पुलिस ने छात्रा को नाबालिग मानते हुए पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ने के लिए अब कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करेगी। साथ ही इससे संबंधित मामला भी अब पॉक्सो की विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।




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