SIT तंग कर रही, आत्मदाह कर लेंगे; NEET छात्रा के कपड़े पर मिले वीर्य तो बोले परिजन
न्होंने कहा कि वे पहले से कह रहे हैं कि छात्रावास संचालक दोषी हैं। लेकिन एसएचओ के मिलीभगत से जांच को गलत दिशा दी गयी। इससे वे काफी मर्माहत हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जांच पर भरोसा नहीं है कि उन्हे न्याय मिलेगा। जांच की बहुत खराब स्थिति है।

एफएसएल रिपोर्ट में नीट की तैयारी कर रही छात्रा से दरिंदगी और कपड़ों पर स्पर्म (वीर्य) के निशान मिलने के बाद परिजनों ने एसआईटी जांच पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता के पिता ने रविवार को मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि अगर उन्हे न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। उन्होंने एसआईटी जांच पर सवाल उठाए और कहा कि एसआईटी जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के न्यायधीश से इस मामले की न्यायिक जांच हो। एसआईटी जांच के बारे में मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि सही जांच नहीं हो रही है। लड़की के साथ क्या हुआ, सारे मीडियाकर्मी भी देख रहे हैं।
इसके बावजूद सही दिशा में जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वे पहले से कह रहे हैं कि छात्रावास संचालक दोषी हैं। लेकिन एसएचओ के मिलीभगत से जांच को गलत दिशा दी गयी। इससे वे काफी मर्माहत हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जांच पर भरोसा नहीं है कि उन्हे न्याय मिलेगा। जांच की बहुत खराब स्थिति है। लड़की के पिता का आरोप था कि एसआईटी छात्रावास के संचालक या उसे जुड़े लोगों से पूछताछ के करने के बजाए उन्हे तंग कर रही है। पुलिस ने उसे रिमांड की जगह बार-बार जहानाबाद आकर उन लोगों से ही पूछताछ कर रही है। ऐसा लगता है कि इस मामले में परिजन ही दोषी हैं।
इधर माता- पिता से ब्लड का सैंपल लेने फिर से एसआईटी पीड़िता के घर पहुंचेगी। इस तरह से एसआईटी पांचवी बार जहानाबाद आएगी। इस संबंध में एसआईटी के द्वारा परिजनों को रात में सूचना दी गयी कि माता-पिता से ब्लड का सैंपल लेना है। इसलिए आ रहे हैं। हालांकि रात में साढ़े दस बजे तक एसआईटी की टीम गांव में नहीं पहुंची थी। लेकिन परिजनों के मुताबिक एसआईटी के द्वारा बताया गया था कि वे लोग डॉक्टर के साथ पटना से निकल गए हैं। रास्ते में आधा- एक घंटे में पहुंच जाएंगे।




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