उर्वरक का अधिक उपयोग रोकने को बनायी टीम
आईसीएआर पटना में एक बैठक में सात टीमों का गठन किया गया। 'मेरा गांव मेरा गौरव' अभियान के तहत ये टीमें संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देंगी। हरी खाद, जैव उर्वरक और दलहनी फसलों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आईसीएआर पटना में सोमवार को संस्थान के सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारियों की बैठक हुई। जिसमें कुल सात टीम का गठन किया गया। ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ अभियान के तहत ये टीमें अपने-अपने गोद लिये गांवों में संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए अभियान चलायेगी। हरी खाद, एजोला, जैव उर्वरक, दलहनी फसलों का समावेश किया जायेगा। किसानों के बीच व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। डीएपी का सबसे अधिक उपयोग करने वाले पूर्णिया जिला के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। मौके पर संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि फसल विविधीकरण और मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत गोद लिये गांवों में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किये जाएंगे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आरती कुमारी ने किया।
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