पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द होगा, नीट छात्रा हत्याकांड में DGP का ऐक्शन
नीट छात्रा हत्याकांड के बाद पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। साथ ही संचालिका पर भी कार्रवाई होगी। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बुधवार को हॉस्टल संचालक की इस मामले में लापरवाही की बात कही।
बिहार में नीट छात्रा हत्याकांड के बाद पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। चित्रगुप्त नगर स्थित इस हॉस्टल के संचालक पर भी कार्रवाई की जाएगी। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की पिछले महीने संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। परिजन ने रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया। पहले एसआईटी ने मामले की जांच की, फिर विवाद बढ़ने पर इस केस को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।
डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चित्रगुप्त नगर के हॉस्टल संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस भी रद्द कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हॉस्टल प्रशासन ने पुलिस को सही समय पर सूचना नहीं दी। हॉस्टल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सामान्य से सामान्य घटना है तो भी थाने को जानकारी देनी चाहिए। नीट छात्रा मामले में पुलिस को सूचना देने पर कोताही बरती गई और काफी देरी हुई। ऐसे में हास्टल चलाने का लाइसेंस रद किया जाएगा।
डीजीपी ने यह भी कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की संचालिका अब पटना में कोई भी हास्टल का संचालन नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि पुलिस को नीट छात्रा मामले की जानकारी अस्पताल से मिली। जबकि हॉस्टल संचालिका को तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। बता दें कि मृत छात्रा के परिजन ने हॉस्टल संचालक और वार्डन की भूमिका भी संदिग्ध बताते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
दूसरी ओर, पटना पुलिस की ओर से इस मामले पर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि 5 जनवरी को छात्रा जहानाबाद से पटना आई थी। वह दोपहर 3 बजे अपने कमरे में गई थी। उसके बाद दो बार बाथरूम के लिए बाहर आई और वापस अपने कमरे में चली गई। 6 जनवरी को सुबह जब वार्डन ने नाश्ते के लिए उसे जगाने की कोशिश की तो कमरे से कोई आवाज नहीं आई। फिर दोपहर में भी उसके बाहर नहीं निकलने पर गार्ड ने दरवाजा तोड़ा। वह अंदर बेहोश पाई गई तो उसे हॉस्पिटल ले जाया गया।
छात्रा का चार दिन प्रभात मेमोरियल अस्पताल में इलाज चला। फिर आखिरी में मेदांता हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है। पुलिस ने पहले इस केस को आत्महत्या का मामला बताया था। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सामने आने के बाद पूरे केस की दिशा बदल गई थी। फिलहाल छात्रा के परिजन इस केस में लीपापोती के आरोप लगा रहे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो की रिपोर्ट)




साइन इन