नीट छात्रा का परिवार पहले नहीं चाहता था पुलिस केस, पटना एसएसपी का बड़ा दावा
बिहार के नीट छात्रा हत्याकांड में पटना पुलिस ने बड़ा दावा किया है। एसएसपी ने कहा कि परिवार पहले पुलिस केस नहीं चाहता था। 6 जनवरी को अस्पताल में महिला एसआई गई थी लेकिन परिजन ने 9 जनवरी को अपना बयान दिया था।
पटना में नीट छात्रा की हत्याकांड के मामले में एसएसपी ने दावा किया है कि पीड़ित परिवार पहले पुलिस केस नहीं चाहता था। एसएसपी ने कहा कि 6 जनवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल से छात्रा को एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे बेहतर इलाज के लिए प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एसएसपी ने कहा कि जांच में जो सामने आया उसके अनुसार पहले यह कोशिश की गई कि पुलिस केस ना हो। 6 जनवरी को प्रभात मेमोरियल अस्पताल की सूचना पर एक महिला एसआई गई थी और परिजन से बात की थी।
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब महिला एसआई अस्पताल पहुंची थी तो परिजन ने उनसे कहा था कि छात्रा जब होश में आएगी तब बयान दर्ज करके केस करवाएंगे। फिर महिला पुलिसकर्मी ने अपना नंबर परिजन को दे दिया था। बाद में 9 जनवरी को पुलिस के पास वापस फोन आया और फिर परिजन ने अपना बयान दर्ज कर केस करवाया था।
सवालों से बचती नजर आई पटना पुलिस
पटना में बुधवार को नीट छात्रा हत्याकांड पर हुई पीसी में पुलिस के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। एसएसपी और आईजी ने अब तक एसआईटी द्वारा की गई जांच की जानकारी दी। हालांकि, इस मामले के पीछे क्या और किसकी साजिश थी, इस पर कोई स्पष्टता नहीं मिल पाई। आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया है। अब सीबीआई ही आगे की जांच पर अपडेट देगी।




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