पटना मेट्रो का ट्रायल रन सफल, कोच पर गोलघर और महावीर मंदिर की झलक
पटना मेट्रो ट्रेन की बोगियों पर बिहार की कला, ज्ञान और संस्कृति की झलक दिख रही है। इसके कोच पर पटना का गोलघर, महावीर मंदिर एवं भगवान महावीर सहित कई कला, ज्ञान और संस्कृति का चित्रण किया गया है।
पटना मेट्रो का बुधवार को डिपो में ट्रायल रन शुरू हुआ। पहले दिन का ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। इस दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि इस महीने के अंत तक पटनावासी मेट्रो रेल की यात्रा कर सकेंगे। वे बुधवार को पटना मेट्रो के एमडी अभय कुमार सिंह के साथ रेड लाइन स्टेशनों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एडमिन बिल्डिंग, ट्रैक सहित पूरा सिस्टम बनकर तैयार है। रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा मानक के हिसाब से जो जानकारियां दी हैं, उसकी जांचकर कमियों को पूरा किया जा रहा है।
मेट्रो ट्रेन भी आकर खड़ी है। कुछ काम बचा हुआ है, जिसे 15 दिनों के अंदर पूरा करने का निर्देश निर्माण एजेंसी और पदाधिकारी को दिया गया है। उन्होंने जीरो माइल स्टेशन का निरीक्षण कर डिजाइन की समीक्षा की। डिपो में खड़ी मेट्रो ट्रेन का निरीक्षण किया और उसके संचालन एवं रखरखाव के बारे में जानकारी ली। इससे पहले डिपो में मेट्रो रेल का ट्रायल रन शुरू हुआ। पहले दिन का ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। एक सप्ताह तक डिपो के अंदर ट्रायल करने के बाद रेड लाइन के न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ के बीच मेट्रो का ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।
डिपो में 66 ट्रेनों के मेंटेनेंस की क्षमता
मेट्रो रेल का डिपो के अंदर ही 800 मीटर में ट्रायल रन शुरु किया गया है। लगभग 30.5 हेक्टेयर जमीन पर निर्माणाधीन डिपो के 19.2 हेक्टेयर जमीन पर वर्कशॉप, मेट्रो ट्रैक और 11.3 हेक्टेयर पर व्यावसायिक केंद्र का निर्माण होना है। पटना मेट्रो का भविष्य में विस्तार करने की योजना के आधार पर डिपो का निर्माण किया गया है। डिपो में 66 ट्रेनों के मेंटेनेंस की क्षमता है। इसी कारण 3 किलोमीटर में मेट्रो ट्रैक बिछाया गया है।
पहले और दूसरे कॉरिडोर में लगभग 30 ट्रेनों का ही परिचालन होना है। रेड लाइन में आईएसबीटी से मलाही पकरी तक पांच स्टेशन शामिल है। शुरुआती दौर में आईएसबीटी से भूतनाथ तक ही मेट्रो का ट्रायल होने के बाद इन्हीं तीन स्टेशनों के बीच उद्घाटन भी होना है। डिपो में प्रशासनिक भवन, ऑक्जीलरी सब स्टेशन बिल्डिंग, ऑटो कोच वॉशिंग प्लांट, वर्कशॉप शेड, इंसपेक्शन शेड सहित अन्य का निर्माण होना है।
बोगियों पर बिहार की कला-संस्कृति की झलक
मेट्रो की बोगियों पर बिहार की कला, ज्ञान और संस्कृति की झलक दिख रही है। इसके कोच पर पटना का गोलघर, महावीर मंदिर एवं भगवान महावीर सहित कई कला, ज्ञान और संस्कृति का चित्रण किया गया है। वहीं मेट्रो कोच पटनावासियों को सवारी कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मेट्रो का कोच भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। तीन कोच वाली मेट्रो के हर कोच की क्षमता लगभग 300 यात्रियों की होगी।




साइन इन