बिहार का सबसे अमीर जिला पटना, सबसे गरीब कौन; आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट क्या कहती है
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण: राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है, जबकि पटना की प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई है। वहीं बेगूसराय में प्रति व्यक्ति आय 61,566 रुपये और मुंगेर में 54,469 रुपये है।

बिहार में जिलों के बीच विकास के स्तर पर बड़ी विषमताएं सामने आई हैं। राज्य के कुछ जिले अपेक्षाकृत विकसित हैं, जबकि कई जिले अब भी काफी पिछड़े हुए हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में जारी विभिन्न सूचकों की रैंकिंग के अनुसार बिहार का सबसे समृद्ध जिला पटना है, जबकि सबसे गरीब जिला शिवहर बताया गया है। अमीरी के मामले में दूसरे स्थान पर बेगूसराय और तीसरे स्थान पर मुंगेर जिला है। वहीं गरीबी के मामले में शिवहर के बाद अररिया दूसरे और सीतामढ़ी तीसरे स्थान पर है। यह खुलासा बिहार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में किया गया है।
राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है, जबकि पटना की प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई है। वहीं बेगूसराय में प्रति व्यक्ति आय 61,566 रुपये और मुंगेर में 54,469 रुपये है। इसके विपरीत शिवहर में अमीरी और गरीबी के बीच की खाई काफी गहरी दिखाई देती है। सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय के आधार पर राज्य के सभी 38 जिलों की रैंकिंग जारी की गई है। इसके अनुसार, बिहार के तीन सबसे समृद्ध जिले पटना (1,31,332 रुपये), बेगूसराय (61,566 रुपये) और मुंगेर (54,469 रुपये) हैं, जहां प्रति व्यक्ति आय राज्य में सबसे अधिक है।
दूसरी ओर, बिहार के सबसे गरीब जिलों में शिवहर (18,980 रुपये), अररिया (19,795 रुपये) और सीतामढ़ी (21,448 रुपये) शामिल हैं। पटना की प्रति व्यक्ति आय शिवहर की तुलना में छह गुना से भी अधिक है। संपन्नता का आकलन पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की खपत के साथ प्रति व्यक्ति लघु बचत के आधार पर किया गया है।




साइन इन