पशुपति पारस आईसीयू में भर्ती, अस्पताल में चाचा से मिलने पहुंचे चिराग पासवान ने गले लगाया
रालोजपा चीफ पशुपति पारस को सांस में तकलीफ के बाद पटना के निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। लोजपा-आर के मुखिया उनके भतीजे चिराग पासवान ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना, उन्हें गले भी लगाया।

Pashupati Paras Health Update: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्होंने पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह अभी आईसीयू में हैं। वरीय चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं। जैसे ही यह खबर केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान को मिली, वह मंगलवार को अपने चाचा पारस से मिलने अस्पताल पहुंच गए। चिराग ने उनका हालचाल जाना और स्वस्थ होने की कामना की। भतीजे ने मतभेद को दरकिनार कर अपने चाचा को गले भी लगाया। बता दें कि चाचा-भतीजा में विवाद के बाद लोजपा में टूट हुई थी, जिसके बाद पार्टी दो गुटों में बंट गई थी।
रालोजपा चीफ पशुपति कुमार पारस का पटना के कंकड़बाग स्थित साईं अस्पताल में इलाज चल रहा है। मंगलवार सुबह उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। अस्तपाल की ओर से बुधवार को हेल्थ बुलेटिन जारी किए जाने की संभावना है। अस्पताल में पारस के कई समर्थक भी उनसे मिलने पहुंच रहे हैं।
चिराग ने पारस को बताया पिता समान
रिपोर्ट्स के अनुसार, चिराग ने पारस से मुलाकात करने के बाद कहा कि वह उनके पिता समान हैं। राजनीतिक मतभेद अलग हैं। मगर वह एक राजनेता की हैसियत से नहीं बल्कि एक बेटे के नाते उनसे मिलने आए।
रामविलास के निधन के बाद लोजपा में हुई थी टूट
बता दें कि लोजपा के संस्थापक रहे रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी विरासत को लेकर बेटे चिराग पासवान और भाई पशुपति पारस में विवाद हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल वाली केंद्र सरकार में रामविलास के बाद पशुपति पारस लोजपा कोटे से मंत्री बन गए थे। उन्होंने पार्टी के 5 सांसदों का समर्थन हासिल कर लिया था और चिराग अलग-थलग पड़ गए थे। फिर चिराग ने एनडीए से नाता तोड़ दिया था।
चाचा-भतीजा में विवाद के बाद लोजपा में टूट हुई और दो अलग-अलग दल बनकर उभरे। चिराग पासवान के गुट वाली लोजपा (रामविलास) और पशुपति पारस के गुट वाली रालोजपा बनी। पारस 2024 तक केंद्र में मंत्री रहे। फिर लोकसभा चुनाव 2024 से पहले चिराग की एनडीए में वापसी हो गई, तो पारस को साइडलाइन कर दिया गया। पारस ने केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ दिया।
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पशुपति पारस ने एनडीए से नाता तोड़ दिया। रालोजपा अकेले चुनावी मैदान में उतरी लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई।
चाचा-भतीजा में पिघल रही बर्फ
हालांकि, पिछले कुछ समय से चाचा और भतीजा के बीच जमी बर्फ पिघल रही है। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के बिहार चुनाव में 19 विधायक जीते, तब पारस ने उन्हें बधाई दी थी। इसके बाद खगड़िया में एक पारिवारिक कार्यक्रम में चिराग ने अपने चाचा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था।
पिछले दिनों नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा के बाद जब बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें चल रही थीं। तब पशुपति पारस ने कहा था कि उनके भतीजे चिराग मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने पार्टी और परिवार को एक करने की बात भी कही थी।




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