Pashupati Paras bested against Chirag Paswan RLJP chief calls uniting party family speaks about CM चिराग के सामने चाचा पस्त, पारस ने उठाई पार्टी और परिवार एक करने की बात, सीएम पर भी बोले, Bihar Hindi News - Hindustan
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चिराग के सामने चाचा पस्त, पारस ने उठाई पार्टी और परिवार एक करने की बात, सीएम पर भी बोले

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं रालोजपा प्रमुख पशुपति पारस ने पार्टी और परिवार को एक करने की बात कही है। अपने भतीजे केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के बारे में उन्होंने कहा कि अगर वह सीएम बनते हैं तो उन्हें खुशी होगी। 

Thu, 2 April 2026 08:14 PMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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चिराग के सामने चाचा पस्त, पारस ने उठाई पार्टी और परिवार एक करने की बात, सीएम पर भी बोले

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस अपने भतीजे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के सामने पस्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने भतीजे से अदावत को साइड में रखते हुए पार्टी और परिवार को एक करने की बात कह दी है। पारस ने यह भी कहा कि अगर चिराग बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें खुशी होगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में अपने चाचा पारस के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने गुरुवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान लोजपा के दोनों गुटों को एक करने की बात कही। उन्होंने कहा, 'देर से आए लेकिन दुरुस्त आए, समर्थक चाहते हैं कि पार्टी और परिवार एक हो जाए।" सियासी गलियारों में इस पर चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि चाचा पारस ने अपनी पार्टी रालोजपा और चिराग की पार्टी लोजपा (रामविलास) के विलय का अनौपचारिक प्रस्ताव दे दिया है।

रामविलास के निधन के बाद चाचा-भतीजा में हो गया था झगड़ा

दरअसल, लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रहे रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी पार्टी में राजनीतिक विरासत को लेकर टूट हो गई थी। रामविलास के बेटे चिराग और भाई पशुपति पारस ने अलग-अलग गुट बना लिए थे। उस समय लोजपा के कुल 6 सांसद थे। चिराग को छोड़ सभी सांसद पारस के समर्थन में आ गए थे और पशुपति पारस अपने भाई रामविलास की जगह केंद्र में मंत्री बने थे। चिराग एनडीए से अलग हो गए थे।

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2024 के लोकसभा चुनाव से पहले चिराग पासवान की एनडीए में वापसी हुई। पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। एनडीए में पारस के गुट वाली पार्टी रालोजपा को साइडलाइन कर दिया गया। पिछले लोकसभा चुनाव में चिराग के गुट वाली लोजपा (रामविलास) को 5 सीटें दी गईं, जबकि रालोजपा खाली हाथ रही।

बाद में पशुपति पारस ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था। 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव रालोजपा ने गठबंधन से अलग रहकर लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। अब पारस अपनी पार्टी को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने में लगे हैं। इस बीच उन्होंने इच्छा जाहिर कर दी है कि लोजपा के दोनों गुट वापस एक हो जाएं। हालांकि, इस पर चिराग पासवान की क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखने वाली बात होगी।

भतीजे ने छुए थे चाचा के पैर

पिछले सप्ताह खगड़िया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान पशुपति पारस और चिराग पासवान का आमना-सामना हुआ था। उस समय चिराग ने अपने चाचा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। दोनों के बीच कुछ पल के लिए बातचीत भी हुई थी। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे कि चाचा-भतीजे के रिश्तों के बीच जमी बर्फ पिघल रही है।

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नवंबर 2025 में जब बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत हुई थी। तब भी पशुपति पारस ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने भतीजे चिराग पासवान को बधाई दी थी। जब चिराग से इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि चाचा की गाली भी उनके लिए आशीर्वाद के समान है।

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