भतीजे चिराग पासवान से पुराना हिसाब चुकता करेंगे पशुपति पारस; बिहार चुनाव से पहले बड़ा ऐलान
बिहार चुनाव से पहले रालोजपा अध्यक्ष पशुपति पारस ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होने कहा कि महागठबंधन से जितनी सीटें मिलेगी उन पर तो पार्टी की उम्मीदवारी होगी है। साथ ही जितनी सीटों पर चिराग की पार्टी लोजपा-आर लड़ेगी। उन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे हैं।

रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि महागठबंधन में जो सीट हमको मिलेगी, उस पर हमारी उम्मीदवारी रहेगी। इसके अलावा, जहां-जहां चिराग पासवान की लोजपा (आर) के उम्मीदवार होंगे, वहां भी हम अपने उम्मीदवार निर्दलीय उतारने पर विचार करेंगे। क्योंकि चिराग पासवान ने परिवार और पार्टी को तोड़ने का काम किया है। वे बुधवार को स्व. रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
आपको बता दें एनडीए से अलग हुए पशुपति पारस इस बार महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी पार्टी रालोजपा को 2-3 सीटें मिल सकती है। लेकिन लगता है कि इस चाचा पशुपति पारस भतीजे चिराग से पुराना हिसाब चुकता करना चाह रहे हैं। आपको बता दें साल 2021 में चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस आमने-सामने आ गए थे। पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी। चुनाव आयोग ने अक्टूबर 2021 में पार्टी के दो गुटों के लिए अलग-अलग नाम और प्रतीक जारी किए गए चिराग का गुट अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के रूप में दर्ज है। वहीं, पशुपति गुट ने राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी बनाई। उस समय लोजपा के 6 सांसद में पांच पशुपति के साथ हो गए थे।
2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के होते हुए भी पारस खाली हाथ रह गए थे। उन्हें एक भी सीट नहीं मिली थी। जबकि चिराग की पार्टी को 5 सीटें मिली थी। और पांचों सीटों पर लोजपा-आर के प्रत्याशी विजयी रहे। जिसमें चिराग पासवान भी शामिल हैं। जिसके बाद पशुपति कुमार पारस ने एनडीए से दूरी बना ली थी अप्रैल 2025 में साफ कर दिया कि अब उनकी पार्टी बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए का घटक नहीं रहेगी।




साइन इन