NDA में सीट बंटवारे की बात अभी तो शुरू हुई है; BJP से तगड़ा मोल-भाव कर रहे चिराग और मांझी बोले
बिहार में एनडीए के सीट बंटवारे की बातचीत चुनाव की घोषणा के बाद रफ्तार तो पकड़ चुकी है, लेकिन चिराग पासवान और जीतन राम मांझी इसे शुरुआती चर्चा बताकर संकेत दे रहे हैं कि गठबंधन में तगड़ा मोल-भाव चल रहा है।

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार चला रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में चुनाव की घोषणा के बाद सीट बंटवारे की बातचीत शुरू हुई है। ऐसा दावा किया है केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास (एलजेपी-आर) चिराग पासवान ने, जिनसे मंगलवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सीटों का ऑफर लेकर मिलने गए थे। चिराग से पहले हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी कहा था कि अभी कोई बात नहीं हुई है, लेकिन 8-9 अक्टूबर को बात होगी और 12 अक्टूबर तक सब साफ होगा।
चिराग पासवान और जीतनराम मांझी के बयान का एक मतलब यह भी है कि सीट शेयरिंग अब होगा और तब होगा जैसा बयान जिन नेताओं ने भी दिया, वो सीट बंटवारे की असली बातचीत में कोई खास भूमिका नहीं निभा रहे हैं। उससे पहले बयानवीरों के जरिए दबाव बनाया जा रहा था कि जब पार्टी प्रमुख से बातचीत शुरू हो तो मोल-भाव के मसले दोनों तरफ के नेताओं के संज्ञान में रहे। भाजपा ने भी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 25 सितंबर को चुनाव प्रभारी बनाया है और वो पार्टी के अंदर बातचीत के बाद पिछले दो दिनों से अपनी सक्रियता बढ़ा चुके हैं।
बिहार भाजपा के पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ सीटों की समझदारी बनाकर सहयोगी नेताओं से मिल रहे हैं और सीटों की ऑफर देकर उनकी प्रतिक्रिया का आकलन कर रहे हैं। चूंकि दो दिन बाद 10 अक्टूबर से पहले चरण का नामांकन शुरू हो रहा है तो आज और कल दो दिन सीट बंटवारे को लेकर कई राउंड की बैठक और मुलाकात होगी। चिराग 30 जबकि मांझी 15 सीट मांग रहे हैं, लेकिन 243 सीट में 45 सीट इन दोनों को मिलता दिख नहीं रहा। बीजेपी और जेडीयू 100 से कम सीट नहीं लड़ेगी और उसमें भी नीतीश को भाजपा से कम से कम एक सीट ज्यादा चाहिए।




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