एक ईमेल की वजह से टल गई पप्पू यादव की जमानत पर सुनवाई, अभी जेल में ही रहेंगे सांसद
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव फिलहाल जेल में ही रहेंगे। सोमवार को उनकी जमानत पर पटना की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। दरअसल, पटना सिविल कोर्ट के जज को मिले एक ईमेल की वजह से पप्पू यादव के केस की सुनवाई टाल दी गई।

बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की पटना के एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में जमानत पर सुनवाई सोमवार को टाल दी गई। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा। अब मंगलवार को उनके मामले पर सुनवाई हो सकती है। सोमवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी लेकिन पटना सिविल कोर्ट को मिले एक ईमेल की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। इस ईमेल की वजह से पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया।
पप्पू यादव को 31 साल पुराने जमीन कब्जा करने के मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात मंदिरी आवास से गिरफ्तार किया था। शनिवार को उन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया और जमानत अर्जी पर सुनवाई की तारीख सोमवार 9 फरवरी को रखी गई।
सोमवार को पप्पू यादव के मामले की सुनवाई होने से पहले ही पटना सिविल कोर्ट को एक ईमेल मिला, जिससे हड़कंप मच गया। ईमेल में लिखा था कि पटना सिविल कोर्ट परिसर में 3 आरडीएक्स आईईडी रखे होने की बात कही गई। बम धमाके की धमकी मिलते ही सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार ने तुरंत अदालत परिसर को खाली करने का आदेश जारी कर दिया।
इसके बाद आनन-फानन में सभी लोगों को कोर्ट परिसर से बाहर निकाला गया और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं। इस वजह से अदालत में होने वाले अधिकतर मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी, इसमें पप्पू यादव की जमानत अर्जी भी शामिल है।
एक दिन और जेल में रहेंगे सांसद
सांसद पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमें बताया गया है कि जिला जज के ईमेल पर बम की धमकी मिली है। इस कारण सांसद की जमानत अर्जी पर अब कल से पहले सुनवाई नहीं हो सकेगी। ऐसे में पप्पू यादव को एक दिन और जेल में बिताना होगा।''
पप्पू यादव किस केस में जेल में बंद हैं?
सांसद पप्पू यादव पर 1995 में पटना के पुनाईचक में एक मकान पर कब्जा करने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उन्होंने एक व्यक्ति को मकान किराये पर दिया था। बाद में उसने पप्पू यादव के करीबी को दे दिया था। फिर वहां उसमें पार्टी का कार्यालय चलाया जाने लगा।
31 साल से यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित है। अदालत ने पूर्व में सांसद को समन भेजा था, लेकिन वे कोर्ट में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ वारंट निकाला गया था। पिछले सप्ताह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।




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