ओम बिरला ने ली पप्पू यादव की चुटकी, बोले- आजकल इंटरनेशल बातें करते हो बिहार से निकलकर
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को प्रश्नकाल काल के दौरान फेक न्यूज का मुद्दा उठा रहे निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की चुटकी ले ली। बिरला ने उनसे कहा कि आजकल वे बिहार से निकलकर इंटरनेशनल बातें कर रहे हैं।

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने चुटकी ले ली। सोशल मीडिया और फेक न्यूज का मुद्दा उठाते हुए पप्पू यादव ने सदन में नरेंद्र मोदी सरकार से सवाल किया। इस दौरान वे ब्राजील, अमेरिका, सिंगापुर, फिनलैंड जैसे देशों के मॉडल केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को बताने लगे। इस बीच ओम बिरला ने पप्पू यादव को टोकते हुए कहा कि आजकल बिहार से निकलकर इंटरनेशनल बातें करते हो। इस पर सदन में ठहाके लगने लगे।
दरअसल, पप्पू यादव ने प्रश्नकाल के दौरान फेक न्यूज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों तरह से जीवन को प्रभावित करता है। कई तरह के ऐप्स बने हैं, जिन पर जाति, धर्म, मजहब, भाषा, क्षेत्रवाद, राष्ट्रवाद, लिंग के आधार पर समाज को बांटा जा रहा है।
निर्दलीय सांसद ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर इशारा करते हुए कहा, “मंत्री कह रहे हैं कि ऐसा होगा तो ऐसा करेंगे, ऐसा हो जाएगा तो ये प्रावधान हैं। लेकिन अगर किसी की पूरी जिंदगी तबाह हो जाए, या कोई घटना घट जाए, हत्या हो जाए तो उसके बाद निराकरण दे रहे हैं, यह उत्तर सही नहीं है।”
इसके बाद, पप्पू यादव ने सदन में ब्राजील, फिनलैंड, सिंगापुर, अमेरिका द्वारा लागू किए गए सुरक्षा मॉडल का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और घृणात्मक पोस्ट को रोकने की मांग की। तभी स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें बीच में टोक दिया।
बिरला ने मुस्कुराते हुए कहा, “आजकल इंटरनेशनल बातें करते हो, बिहार से निकलकर”। इस पर सदन में ठहाके लगे। फिर उन्होंने पप्पू यादव को अपना सवाल खत्म कर अश्विनी वैष्णव को जवाब के लिए उठाया।
सरकार ने क्या दिया जवाब?
केंद्रीय मंत्री ने सांसद के सवाल पर कहा कि हाल ही में कुछ नए नियम भी बनाए गए हैं। 36 घंटे में ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। एआई जेनरेटेड डीप फेक कंटेंट की पहचान कर उस पर ऐक्शन लेने का नया नियम ड्राफ्ट हुआ है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए काम कर रही है।




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