Not studying for single day exams bad condition of quality education in Bihar एक भी दिन पढ़ाई नहीं और दे रहे परीक्षा, बिहार में क्वालिटी एजुकेशन का हाल देख लीजिए एसीएस साहब, Bihar Hindi News - Hindustan
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एक भी दिन पढ़ाई नहीं और दे रहे परीक्षा, बिहार में क्वालिटी एजुकेशन का हाल देख लीजिए एसीएस साहब

30 जून तक 9वीं में नामांकन लेने की तिथि निर्धारित है। जिन बच्चों ने अप्रैल से मई के बीच तक नामांकन लिया भी, उनकी भी कक्षा नहीं चल पाई क्योंकि गर्मी की छुट्टी हो गई थी।

Fri, 27 June 2025 10:59 AMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता
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एक भी दिन पढ़ाई नहीं और दे रहे परीक्षा, बिहार में क्वालिटी एजुकेशन का हाल देख लीजिए एसीएस साहब

कक्षा एक भी दिन नहीं की मगर परीक्षा दे रहे हैं। यह हाल 9वीं के छात्र-छात्राओं का है। परीक्षा देने के बाद बच्चे कुछ इसी अंदाज में अपनी पढ़ाई और परीक्षा का हाल बयां किया। सरकारी स्कूलों में 9वीं और 10वीं की त्रैमासिक परीक्षा की शुरुआत गुरुवार से हुई है। 9वीं के छात्र-छात्राओं ने कहा, नामांकन के बाद परीक्षा देने ही स्कूल आ रहे हैं। मुजफ्फरपुर के बीबी कॉलेजिएट से लेकर सकरा हाईस्कूल, कांटी हाईस्कूल समेत तमाम स्कूलों में परीक्षार्थियों का यही हाल रहा। यह हाल तब है जब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरी क्षमता से जुटे हैं।

स्कूल प्रभारियों का कहना था कि 30 जून तक 9वीं में नामांकन लेने की तिथि निर्धारित है। जिन बच्चों ने अप्रैल से मई के बीच तक नामांकन लिया भी, उनकी भी कक्षा नहीं चल पाई क्योंकि गर्मी की छुट्टी हो गई थी। 23 जून से स्कूल खुले हैं। छात्र-छात्राओं ने कहा कि जो थोड़ी बहुत पढ़ाई हमने खुद से की है, उसके आधार पर परीक्षा दे रहे हैं। बोर्ड के भेजे प्रश्नपत्रों पर परीक्षा ली गई।

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80 से 90% बच्चे हुए शामिल

अधिकांश स्कूलों में नामांकित बच्चों में 80 से 90 फीसदी बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। पहली त्रैमासिक परीक्षा को लेकर 10वीं के छात्र-छात्राओं के बीच काफी उत्साह रहा। परीक्षार्थियों ने कहा कि भले ही कक्षा अधिक दिन नहीं चली हो मगर हमें सवालों के पैटर्न को समझने का मौका मिला है।

ओएमआर शीट पर ली जा रही है परीक्षा

9वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र मैट्रिक परीक्षा की तर्ज पर ही भेजे गए हैं। प्रश्नपत्र में दोगुने प्रश्नों का विकल्प दिया गया है। ओएमआर शीट पर परीक्षा ली जा रही है। परीक्षार्थियों ने कहा कि दोगुने प्रश्न का विकल्प मिलने से थोड़ी आसानी रही है, मगर कई चैप्टर हमने पढ़े ही नहीं है। ऐसे में सवाल कठिन लग रहा था।

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होली गायन पर भी 9वीं में पूछे गए सवाल

पहली पाली में दोनों कक्षाओं के लिए हिन्दी, उर्दू विषय की परीक्षा थी। 9वीं में बिहार में प्रचलित लोकगीतों के भेद व होली गायन पर भी सवाल पूछे गए। होली गायन के अंत में क्या गाया जाता है, प्रथम राष्ट्रपति के पिता का नाम क्या था, जैसे सवाल पूछे गए। इसके साथ ही गद्यांश में काशी पर सवाल पूछा गया। निबंध में देशाटन से लाभ के साथ ही पुस्तकालय और समाजसेवा पर सवाल पूछे गये।

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