निशांत बने तो अकेले, नहीं तो जेडीयू से 2 डिप्टी सीएम; नीतीश की पार्टी में उलझन?
Nitish JDU Dy CM: बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार में जेडीयू से डिप्टी सीएम कौन बनेगा, इसको लेकर नीतीश कुमार की पार्टी में उलझन है। नेता उनके बेटे निशांत कुमार को सरकार में आने के लिए मना रहे हैं।

Nitish JDU Dy CM: बिहार में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सत्ता की उलझनें तो सुलझा दी हैं, लेकिन भाजपा के सीएम के नेतृत्व में बनने जा रही एनडीए की नई सरकार में जेडीयू के डिप्टी सीएम के मसले पर उनकी पार्टी उलझन में हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम का पद संभाल लें। लेकिन कुछ दिन पहले ही जेडीयू में शामिल हुए निशांत कुमार इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। निशांत कह रहे हैं कि वो पहले विधायक या विधान पार्षद बनकर किसी सदन में पहुंचेंगे, तब ही सरकार में शामिल होंगे। निशांत के करीबी नेता उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ये भी कहा जा रहा है कि निशांत पार्टी के बैनर तले बिहार की यात्रा करने और जनता से जुड़ने के बाद सरकार में आने के लिए कुछ समय चाहते हैं।
निशांत कुमार को मनाने का दौर चल रहा है, जिसमें पार्टी के नेताओं को अगर सफलता मिल जाती है तो भाजपा के सीएम के साथ 15 अप्रैल को जेडीयू से एक डिप्टी सीएम शपथ लेगा और वह निशांत कुमार होंगे। फिर एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम का एक ही पद रहेगा, जैसा सुशील कुमार मोदी के समय में होता था। नीतीश सीएम और सुशील मोदी डिप्टी सीएम। उसी तरह भाजपा का सीएम। जदयू का एक उप-मुख्यमंत्री। लेकिन, निशांत अगर अंत तक अड़े रह गए तो नीतीश कुमार को इस पर अंतिम फैसला लेना होगा। जदयू के अध्यक्ष के रूप में वो कोई भी फैसला करने के लिए हमेशा ही अधिकृत हैं। सूत्रों का कहना है कि निशांत के मसले पर उलझन के कारण ही जदयू के विधायक दल की आज बैठक टाल दी गई है, क्योंकि परंपरा के तहत जदयू का नेता डिप्टी सीएम बनेगा।
निशांत के डिप्टी सीएम नहीं बनने की सूरत में जेडीयू में नीतीश का भरोसेमंद कोई सीनियर नेता ही फिर डिप्टी सीएम बनेगा। चर्चा है कि अगर निशांत कुमार नहीं बनते हैं तो एनडीए के मौजूदा मॉडल से जदयू का दो डिप्टी सीएम होगा। जैसे नीतीश कैबिनेट में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दो डिप्टी सीएम हैं। जदयू के दो उप-मुख्यमंत्री के लिए नीतीश पार्टी के वरिष्ठतम मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के नाम पर ललन सिंह और संजय झा जैसे बड़े नेताओं से चर्चा करके अंतिम फैसला ले सकते हैं। महिला डिप्टी सीएम की बात उठी तो लेशी सिंह या शीला मंडल की किस्मत भी चमक सकती है। उसी तरह दलित में अशोक चौधरी या सुनील कुमार और महादलित में रत्नेश सदा भी आगे बढ़ाए जा सकते हैं।




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