Nitish govt minister Jibesh Mishra fake medicine case Congress demands resignation नीतीश सरकार में मंत्री जीवेश मिश्रा नकली दवा केस में दोषी, कांग्रेस ने मांगा बीजेपी नेता से इस्तीफा, Bihar Hindi News - Hindustan
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नीतीश सरकार में मंत्री जीवेश मिश्रा नकली दवा केस में दोषी, कांग्रेस ने मांगा बीजेपी नेता से इस्तीफा

बिहार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा के नकली दवा मामले में अदालत से दोषी पाए जाने के बाद कांग्रेस ने उनका इस्तीफा मांगा है। साथ ही भारतीय जनता पार्टी से उन्हें निष्कासित करने की मांग की गई है। 

Fri, 4 July 2025 11:45 AMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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नीतीश सरकार में मंत्री जीवेश मिश्रा नकली दवा केस में दोषी, कांग्रेस ने मांगा बीजेपी नेता से इस्तीफा

बिहार की नीतीश सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कोटे से मंत्री जिवेश कुमार उर्फ जीवेश मिश्रा नकली दवा मामले में दोषी करार पाए गए। अब विपक्ष ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने मंत्री जीवेश मिश्रा का इस्तीफा मांगा है। राजस्थान की राजसमंद कोर्ट ने उन्हें 15 साल पुराने मामले में पिछले महीने दोषी करार दिया था। हालांकि, बाद में 7000 रुपये का जुर्माना भरवाकर सदाचार बनाए रखने की शर्त पर उन्हें छोड़ दिया गया।

बिहार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा कि भाजपा को भी इन्हें तुरंत पार्टी से निष्कासित करना चाहिए। इनके नकली दवाओं के नेटवर्क और कनेक्शन की जांच होनी चाहिए। पूर्णिया से सासंद पप्पू यादव ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जीवेश मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग की।

सासंद ने आरोप लगाया कि मंत्री नकली दवा माफिया हैं। वह नकली दवाएं बेचकर आम लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। बिहार के साथ कितना कुकर्म कर रहे होंगे। उन्होंने दरभंगा जिले के जाले की जनता से आगामी चुनाव में जीवेश मिश्रा को सबक सिखाने की अपील की। मिश्रा जाले से विधायक हैं।

नीतीश कुछ बोलने की जुर्रत नहीं कर सकते- रोहिणी आचार्या

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भी नीतीश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह लाचार, अचेत और समझौता परस्त मुख्यमंत्री की सरकार है। नकली दवा का कारोबारी भी मंत्री की कुर्सी पर बरकरार है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार में अनैतिक कामों में लिप्त लोगों का जमावड़ा है। नीतीश कुमार को कुर्सी से चिपके रहने की आदत है, इसलिए वे दोषी सिद्ध हो चुके मंत्री को कैबिनेट से बाहर करने की बात तो दूर, कुछ बोलने की जुर्रत भी नहीं कर सकते हैं।

यह है मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला सितंबर 2010 का है। राजस्थान के देवगढ़ (राजसमंद) में स्थित कंसारा ड्रग्स डिस्ट्रीब्यूटर्स कंपनी में निरीक्षण के दौरान दवाओं के सैंपल लिए गए थे। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया, तो सिप्रोलिन-500 टेबलेट के मिलावटी और अमानक श्रेणी का पाया गया। जांच में सामने आया कि कंसारा ड्रग्स डिस्ट्रीब्यूटर्स को इन दवाओं की सप्लाई ऑल्टो हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी समेत दो अन्य फर्मों ने की थी। जीवेश मिश्रा इस कंपनी के निदेशक हैं।

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कोर्ट ने दी मंत्री को राहत

इस मामले में राजसमंद कोर्ट ने 4 जून 2025 को जीवेश मिश्रा समेत 9 आरोपियों को दोषी करार दिया था। 1 जुलाई को सजा पर फैसला सुनाया गया। इस दिन मिश्रा भी अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए अर्थदंड लगाकर और अपराधी परिवीक्षा अधिनियम के तहत सदाचार बनाए रखने की शर्त पर छोड़ दिया।

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