Nitish Government removes Lakhisarai DM Mithilesh Mishra from Post Transfer Order Paddy Procurement Irregularities नीतीश सरकार ने लखीसराय डीएम को पद से हटाया, धान खरीद में गड़बड़ी के बाद मिथिलेश मिश्र का ट्रांसफर, Bihar Hindi News - Hindustan
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नीतीश सरकार ने लखीसराय डीएम को पद से हटाया, धान खरीद में गड़बड़ी के बाद मिथिलेश मिश्र का ट्रांसफर

नीतीश सरकार ने लखीसराय के डीएम मिथिलेश मिश्र को पद से हटा दिया है। उनकी जगह एडीएम को जिलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस मिथिलेश मिश्र पर धान खरीद में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं।

Tue, 7 April 2026 08:16 PMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, लखीसराय
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नीतीश सरकार ने लखीसराय डीएम को पद से हटाया, धान खरीद में गड़बड़ी के बाद मिथिलेश मिश्र का ट्रांसफर

बिहार की नीतीश सरकार ने लखीसराय के डीएम (जिलाधिकारी) मिथिलेश मिश्र को पद से हटा दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को उनके ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए। मिथिलेश को फिलहाल पटना में सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। मिथिलेश मिश्र भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2011 बैच के अधिकारी हैं। हाल ही में उनके खिलाफ लखीसराय जिले में धान खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगा था। पिछले दिनों ही सरकार ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए थे।

मिथिलेश मिश्र की जगह लखीसराय के एडीएम सह अपर समाहर्ता नीरज को डीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अगले आदेश तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। डीएम के अचानक ट्रांसफर से सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। मिथिलेश बीते लगभग डेढ़ साल से लखीसराय के जिलाधिकारी थे। सितंबर 2024 में सरकार ने उन्हें यहां तैनात किया था।

बताया जा रहा है कि धान अधिप्राप्ति में गड़बड़ी के आरोपों के बाद आईएएस मिथिलेश मिश्र पर गाज गिरी है। पिछले सप्ताह उनके खिलाफ धान खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर विभायगीय जांच शुरू की गई थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश में कहा था कि यह कार्यवाही धान/चावल अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 के दौरान अतिरिक्त लक्ष्य के आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में की जा रही है।

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आदेश के अनुसार, लखीसराय जिले में धान खरीद का 47,235 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित था। इस लक्ष्य के अतिरिक्त 8000 एमटी का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किया गया था। इस अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। इसके बाद राज्य के सहकारिता विभाग की ओर से जांच की गई।

जांच के दौरान तत्कालीन जिला पदाधिकारी (मिथिलेश मिश्र) से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जो उन्होंने 24 मार्च 2026 को प्रस्तुत किया। हालांकि विभागीय समीक्षा में उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया कई अनियमितताएं सामने आई हैं। समीक्षा में यह भी पाया गया कि तत्कालीन डीएम मिथिलेश मिश्र ने जो औचित्य प्रस्तुत किए, वो अभिलेखीय तथ्यों से मेल नहीं खाते हैं।

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सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 अप्रैल को दिए आदेश में कहा था कि इससे यह संकेत मिलता है कि निर्णय प्रक्रिया में अपेक्षित प्रशासनिक सतर्कता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली, 1968 के तहत कदाचार की श्रेणी में माना है।

अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के तहत मिथिलेश मिश्र के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का फैसला लिया गया था। इस आदेश की कॉपी मुख्य सचिव, महालेखाकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (भारत सरकार) तथा मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त को भी भेजी गई थी।

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